तो क्या हम कूड़े से भी गए गुजरे हैं- राव इंद्रजीत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

तो क्या हम कूड़े से भी गए गुजरे हैं- राव इंद्रजीत

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-  पटौदी में आयोजित जनसभा में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह द्वारा दिए गए बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने भाजपा में अपने साथ हो रहे बर्ताव पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि “दस साल में तो कूड़े की भी सुध ले ली जाती है, तो क्या हम कूड़े से भी गए गुजरे हैं।” यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से इस ओर इशारा करती है कि राव इंद्रजीत सिंह को पार्टी के भीतर वह मान्यता और सम्मान नहीं मिल रहा, जिसकी वह अपेक्षा करते हैं।

राव इंद्रजीत सिंह का यह बयान उस गहरे असंतोष का प्रतीक है, जो भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं में देखा जा रहा है। उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी का खुलकर इज़हार किया, जो पार्टी के अंदर चल रहे अंतर्विरोधों और संभावित सत्ता संघर्ष को उजागर करता है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी चुनावों के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी के भीतर कुछ नेताओं के बीच असंतोष बढ़ रहा है। राव इंद्रजीत सिंह लंबे समय से भाजपा के महत्वपूर्ण नेता  हैं और हरियाणा में उनका राजनीतिक दबदबा भी है। ऐसे में उनका इस प्रकार का बयान पार्टी के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

यह बयान पार्टी के अंदर संवादहीनता और नेतृत्व के प्रति असंतोष को दर्शाता है। आने वाले समय में देखना होगा कि भाजपा नेतृत्व इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है, क्योंकि राव इंद्रजीत सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं का असंतोष पार्टी के लिए न केवल हरियाणा में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चुनौती बन सकता है।

इस तरह के बयान भाजपा के भीतर चल रहे अंतर्कलह और संभावित राजनीतिक समीकरणों की ओर भी इशारा करते हैं, जो आने वाले चुनावों में पार्टी की रणनीति पर प्रभाव डाल सकते हैं।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox