ट्रांसफॉर्म भारत- मैत्रेय दादाश्री जी द्वारा उज्जवल, दृढ़, आनंदित भारत की नींव

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ट्रांसफॉर्म भारत- मैत्रेय दादाश्री जी द्वारा उज्जवल, दृढ़, आनंदित भारत की नींव

नई दिल्ली/- विश्व स्तर पर नेतृत्व करने के लिए भारत सुर्खियों में आ रहा है।  इसलिए, इसका भविष्य उन लोगों के हाथमें है जो सही मार्गदर्शन करने में सशक्त है, जिनमें चीजों को व्यवस्थित करने का जुनून है और अच्छे लोगों को एकजुट करने की क्षमता रखते हैं। अब नेतृत्व परिस्थितियों और वातावरण से प्रभावित नहीं होगा, बल्कि परिवर्तित होगा तांकि वह दुनिया के लिए आशा की किरण बन सके।
           ट्रांसफॉर्म भारत, हमारे देश को एक बार फिर से आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाकर एक वैश्विक शक्ति बनाने की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के लिए निर्णय लेने वाले लोगों, नेताओं, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों, इनफ्लूएंसर्स और आध्यात्मिक आदर्शों को एक ही मंच पर लाने की दिशा में एक साहसिक कदम है। मैत्रीबोध परिवार, एक सामाजिक-आध्यात्मिक संस्था है, जिसने 11 दिसंबर 2022 को नई दिल्ली में पहली बार ट्रांसफॉर्म भारत कॉन्क्लेव का आयोजन किया, जिसमें राजनीति, वित्त और व्यवसाय, आध्यात्मिकता, मीडिया, शिक्षा और कला के क्षेत्रों से सभी में परिवर्तन लाने के लिए सबसे उत्कृष्ट लोगों को एक साथ लाया गया।
         इस अवसर पर गोपाल कृष्ण अग्रवाल, एक अर्थशास्त्री और भाजपा के प्रवक्ता ने अपने विचार साझा किया, “भारत एक आर्थिक दिग्गज बने बिना एक महाशक्ति नहीं बन सकता है। उन्नत देशों को भी प्रतिकूल परिस्थितियों और परिणामों का सामना करना पड़ता है। आप किस तरह एक सामूहिक इकाई के रूप में इससे निपटते हैं इस पर निर्भर है।” एबीपी नेटवर्क के सीईओ अविनाश पांडे ने कहा, “आज पत्रकारिता को सच्चाई की जरूरत है। पत्रकारिता को बिना किसी डर, बिना पक्षपात के होना चाहिए!” सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में परिवर्तन की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
          दोपहर अपने चरम पर पहुंची जब मैत्रेय दादाश्री जी मंच पर आये और उन्होंने साझा किया कि कैसे वैश्विक परिवर्तन की ओर ले जाने वाला व्यक्तिगत परिवर्तन भारत को एक बार फिर से महाशक्ति बना देगा – बदलेंगे आप, बदलेगा देश! कॉन्क्लेव के इस पहले संस्करण में, परिवर्तित भारत को एक सच बनाने के लिए उन्होंने मैत्री संस्कार पुस्तक लॉन्च करके युवा मन को सही शिक्षा के साथ तैयार करने और ढालने पर जोर दिया। एक शिक्षाप्रद, नैतिक आधारित पुस्तक जो आत्मा का विकास करती है और शिक्षार्थी को स्वयं के साथ, दूसरों के साथ, समाज और प्रकृति के साथ उच्चतम प्रकार के संबंध विकसित करने में मदद करती है। यह कक्षा 3 से 10 तक के सभी छात्रों के लिए पाठ्यक्रम का हिस्सा होगी ताकि वे मूल से जुड़े रहें, वह प्राचीन ज्ञान जिससे कई खोज और आविष्कार हुए हैं।
             मैत्रेय दादाश्रीजी ने साझा किया, “आने वाले वर्षों में विश्व को आध्यात्मिक मार्गदर्शन, ऊर्जा और शक्ति प्रदान करने के मामले में भारत एक देश के रूप में विश्व में मानवता के परिवर्तन के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। परिवर्तन की लहर चल पड़ी है, अब समय आपके भी साथ चलने काहै।

 मैत्री दूत – प्रेम और शांति की मशाल वाहक बनकर इस वैश्विक आंदोलन का हिस्सा बनें और एक नए भारत की शुरुआत करें।

आज ही रजिस्टर करें, 

www.maitribodh.org/maitridoot

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