टाटा ने फिर दिखाया बड़ा दिल, यूक्रेन से करायेगा भारतीयों की वापसी

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टाटा ने फिर दिखाया बड़ा दिल, यूक्रेन से करायेगा भारतीयों की वापसी

-देश हित में पहले भी टाटा ग्रुप ले चुका है इस तरह के फैसले, 22, 24 और 26 को उड़ान भरेंगे टाटा के जहाज

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- एयर इंडिया की कमान संभालने के बाद अब टाटा ग्रुप ने देशहित में एकबार फिर बड़ा दिल दिखाया है। इस बार टाटा ग्रुप यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी कराने के लिए सबसे पहले आगे आया है। इसके लिए टाटा ग्रुप 22, 24 और 26 फरवरी को यूक्रेन के लिए स्पेशल फ्लाइट्स ऑपरेट करेगी।

रूस और यूक्रेन के बीच टेंशन बढ़ रही है। दोनों पक्ष क्लेम कर रहे हैं कि अटैक नहीं होगा लेकिन अनिश्चिता का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार को पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क शहर में एक गाड़ी के अंदर जोरदार धमाका हुआ। इस इलाके में रूस के समर्थन वाले अलगाववादियों का कब्जा है। इससे टेंशन और बढ़ गई है। इसी बात को देखते हुए एयर इंडिया ने यूक्रेन में रह रहे ऐसे भारतीयों के लिए अगले सप्ताह फ्लाइट ऑपरेट करने का यह फैसला किया है। फ्लाइट का संचालन कीव से नई दिल्ली के बीच किया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति भारत आना चाहता है तो एयर इंडिया या मान्यता प्राप्त ट्रेवल एजेंसी के जरिए टिकट बुक करा सकता है। यह फैसला टाटा समूह द्वारा लिया गया है क्योंकि एयर इंडिया की कमान पिछले महीने के आखिर में एक बार फिर टाटा ग्रुप के पास आ गई थी। यह ग्रुप हमेशा से देश के हितों को आगे रखने के लिए जाना जाता है। देश में किसी भी तरह की आपदा आने पर यह ग्रुप सबसे पहले सामने आता है। यूक्रेन संकट के समय भी समूह ने अपने इस गुण को बरकरार.रखा है।

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने दोनों देशों की तरफ से किए गए ’एयर बबल’ समझौते के तहत भारत और यूक्रेन के बीच संचालित होने वाली उड़ानों की संख्या संबंधी बैन .हटा दिया है। इस फैसले का मकसद यह है कि इस पूर्वी यूरोपीय देश में फंसे भारतीय अगर चाहें, तो अपने देश वापस आ सकते हैं।

टाटा ग्रुप एक कॉरपोरेट ग्रुप होने के साथ ही देश की जरूरत के समय हमेशा आगे वाले ग्रुप में से एक है। टाटा समूह की पहचान एक ऐसे कारोबारी ग्रुप के रूप में.बनी है जो मुश्किल वक्त में देश की मदद के लिए तत्पर रहता है। कोरोना काल में ग्रुप ने 1,500 करोड़ रुपये का डोनेशन दिया था। कंपनी ने 2004 में आई सुनामी के दौरान भी मानवता की मदद के लिए कई कदम उठाए थे। उस समय समूह की एक कंपनी ने ‘सस्ता’ वाटर प्यूरीफायर ‘सुजल’ डेवलप किया और हजारों लोगों को मुफ्त में इसे उपलब्ध कराया। इस प्रोडक्ट को कंपनी ने बाद में टाटा स्वच्छ नाम से लॉन्च किया था।

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