ज्ञानवापी मामले में नही हटेंगे कोर्ट कमिश्नर, 17 मई के पहले सर्वे के काम को करना होगा पूरा

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October 23, 2026

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ज्ञानवापी मामले में नही हटेंगे कोर्ट कमिश्नर, 17 मई के पहले सर्वे के काम को करना होगा पूरा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- ज्ञानवापी मामले में कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा है कि कोर्ट कमिश्नर रही हटायें जायेंगे। कोर्ट ने आदेश दिया है कि 17 मई के पहले दोबारा सर्वे होगा। साथ ही कोर्ट ने काम में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं।
              ज्ञानवापी मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर ने गुरुवार को अधिवक्ता आयुक्त को बदलने की मांग को खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है।ज्ञानवापी मामले में सर्वे कमिश्नर अजय मिश्र को नहीं हटाया जाएगा। कोर्ट ने दो और सहायक कमिश्नर नियुक्त किए हैं। अजय मिश्र के साथ विशाल सिंह को सहायक कमिश्नर नियुक्त किया गया है।
              कोर्ट ने आदेश दिया है कि 17 मई से पहले सर्वे किया जाएगा। पूरे इलाके की वीडियोग्राफी होगी। सर्वे के दौरान दोनों पक्ष के लोग मौजूद रहेंगे। सर्वे का विरोध करने वालों पर मुकदमा दर्ज होगा। कोर्ट ने कहा कि 17 मई से पहले कार्रवाई को पुख्ता करें। कमीशन की कार्रवाई में बाधा नहीं आनी चाहिए।
               कोर्ट ने 17 मई को सर्वे रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। शासन प्रशासन के सहयोग से कार्रवाई होगी। सुबह नौ से 12 तक सर्वे किया जाएगा। बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट का पूरा आदेश हिंदी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
               ज्ञानवापी परिसर में कमीशन की कार्यवाही कर रहे एडवोकेट कमिश्नर को बदलने की अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की मांग व तहखाने की वीडियोग्राफी कराने की वादी पक्ष की अपील पर बुधवार को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत में बहस पूरी हो गई थी।
               यहां बता दें कि श्रृंगार गौरी के रोजाना दर्शन पूजन की मांग को लेकर पांच महिलाओं की ओर से दायर वाद पर बीते आठ अप्रैल को अदालत ने अजय कुमार मिश्र को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करते हुए ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण कर दस मई तक अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।
               छह मई को कमीशन की कार्यवाही शुरू तो हुई लेकिन पूरी नहीं हो सकी। सात मई को अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर एडवोकेट कमिश्नर बदलने की मांग कर दी। इस प्रार्थना पत्र पर तीन दिनों से अदालत में सुनवाई चली। आज चौथे दिन फैसले आया।
                जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल महेंद्र प्रसाद पांडेय ने कहा कि सरकार व जिला प्रशासन अदालत के आदेश का अनुपालन कराने को तैयार हैं। कमीशन कार्यवाही शुरू होने के बाद सर्वे कमिश्नर को बदलने की मांग का विरोध किया। वादी पक्ष की तरफ से सुधीर त्रिपाठी, सुभाषनंदन चतुर्वेदी, शिवम गौड़, अनुपम द्विवेदी, मदनमोहन ने अंजुमन इंतजामिया की आपत्ति का जोरदार विरोध किया।
                उन्होंने कहा कि यह कमीशन की कार्यवाही रोकने का प्रयास है। पहले कमीशन की रिपोर्ट कोर्ट में आए फिर उस पर आपत्ति की जा सकती है या दूसरे सर्वे कमीशन की मांग की जा सकती है। सुनवाई के दौरान नियुक्त सर्वे कमिश्नर अजय मिश्र, वादिनीगण, जितेंद्र सिंह बिशेन के अलावा सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे।

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