जम्मू में शादी समारोह के दौरान फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला

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September 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-बाल-बाल बचे वरिष्ठ नेता -समारोह के दौरान अचानक हमला, आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  फारूक अब्दुल्ला पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान कथित रूप से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार यह घटना जम्मू शहर के ग्रेटर कैलाश इलाके में हुई, जहां एक विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे फारूक अब्दुल्ला पर पीछे से गोली चलाने की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि कमल सिंह जामवाल नामक व्यक्ति ने उन पर फायर करने का प्रयास किया, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

“अल्लाह ने मुझे बचा लिया” — फारूक अब्दुल्ला
घटना के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यह ईश्वर की कृपा है कि वे सुरक्षित हैं। उन्होंने शांत लहजे में कहा, “अल्लाह ने मुझे बचा लिया।” हालांकि उन्होंने घटना के बारे में अधिक विस्तार से बोलने से परहेज किया। इस घटना के बाद उनके आवास और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।

पिता से मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
घटना की जानकारी मिलते ही जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला गुरुवार सुबह अपने पिता से मिलने उनके घर पहुंचे। मुलाकात के दौरान उन्होंने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की। हमले के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

राजनीतिक दलों ने जताई चिंता
इस हमले के बाद कई राजनीतिक नेताओं ने चिंता और नाराजगी जताई है। महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि इस घटना के बारे में सुनकर वे स्तब्ध हैं, हालांकि राहत की बात है कि फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित हैं। वहीं कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

इसके अलावा पीडीपी नेता वहीद उर रहमान पाराऔर हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक ने भी घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि किसी भी वरिष्ठ राजनीतिक नेता पर इस तरह का हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। एक बड़े राजनीतिक नेता के इतने करीब किसी व्यक्ति का हथियार के साथ पहुंचना सुरक्षा तंत्र की गंभीर चूक माना जा रहा है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले के पीछे क्या वजह थी और आरोपी के इरादे क्या थे।

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