चंद्रयान-3 का लैंडर और प्रॉपल्शन मॉड्यूल हुए अलग

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 9, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

चंद्रयान-3 का लैंडर और प्रॉपल्शन मॉड्यूल हुए अलग

-अब 23 अगस्त को सॉफ्ट लैंडिंग की तैयारी शुरू

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- इसरो ने भारत के चंद्रयान-3 मिशन को लेकर गुरुवार को बड़ी खुशखबरी दी है। चंद्रयान-3 के लैंडर और प्रॉपल्शन मॉड्यूल योजना के मुताबिक, दो टुकड़ों में टूटकर अलग-अलग चांद की यात्रा कर रहे हैं। इसी के साथ चंद्रयान-3 का लैंडर अब चांद के और करीब पहुंच गया है। अब चंद्रयान-3 की 23 अगस्त को चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग की तैयारी शुरू हो गई है।
              14 जुलाई को श्रीहरिकोटा से रवाना होने के बाद चंद्रयान-3 ने तीन हफ्तों में कई चरणों को पार किया। पांच अगस्त को पहली बार चांद की कक्षा में दाखिल हुआ था।

मिशन का अगला चरण क्या?
मिशन के अगले पड़ाव में अब लैंडर मॉड्यूल शुक्रवार को चांद की निचली कक्षा में पहुंचाया जाएगा। इसरो ने लैंडर मॉड्यूल की तरफ से एक्स पर एक पोस्ट में चंद्रयान-3 की यात्रा को लेकर ट्वीट भी किया। इसमें लैंडर की तरफ से प्रॉपल्शन के लिए कहा गया- “साथ में यात्रा के लिए शुक्रिया मित्र।“ इसमें आगे कहा गया, “लैंडर मॉड्यूल सफलतापूर्वक प्रॉपल्शन मॉड्यूल से अलग हो गया। अब शुक्रवार शाम चार बजे इसे चांद की कक्षा में और नीचे उतारा जाएगा।“

14 दिन तक प्रयोग करेगा चंद्रयान 3
बता दें कि चंद्रयान-3 मिशन में लैंडर, रोवर और प्रॉपल्शन मॉड्यूल शामिल हैं। लैंडर और रोवर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेंगे और 14 दिनों तक प्रयोग करेंगे। वहीं प्रॉपल्शन मॉड्लूय चांद की कक्षा में ही रहकर चांद की सतह से आने वाले रेडिएशंस का अध्ययन करेगा। इस मिशन के जरिए इसरो चांद की सतह पर पानी का पता लगाएगा और यह भी जानेगा कि चांद की सतह पर भूकंप कैसे आते हैं।

इस तरह पहुंचा चांद के पास
14 जुलाई को श्रीहरिकोटा से रवाना होने के बाद चंद्रयान-3 ने तीन हफ्तों में कई चरणों को पार किया। पांच अगस्त को पहली बार चांद की कक्षा में दाखिल हुआ था। इसके बाद 6, 9 और 14 अगस्त को चंद्रयान-3 ने अलग-अलग चरण में प्रवेश किया। इसरो ने इन तीन हफ्तों में चंद्रयान-3 को पृथ्वी से बहुत दूर स्थित कक्षाओं में स्थापित किया।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox