गिफ्ट केस में पूर्व पीएम इमरान खान 5 साल के लिए अयोग्य घोषित

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गिफ्ट केस में पूर्व पीएम इमरान खान 5 साल के लिए अयोग्य घोषित

-संसद की सदस्यता भी गई, चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर इमरान समर्थकों ने की फायरिंग

इस्लामाबाद/- तोशखाना (गिफ्ट) केस में पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री इमरान खान को 5 साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। आयोग ने कहा कि इमरान की संसद सदस्यता भी रद्द हो गई है। इस फैसले के बाद इमरान अगले 5 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इमरान के खिलाफ फैसला आने के बाद इमरान के समर्थकों ने पाकिस्तान म्ब् के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया।
             पाकिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान रजा की अध्यक्षता वाली 4 सदस्यों की बेंच ने इमरान के खिलाफ यह फैसला सुनाया। प्रधानमंत्री रहने के दौरान इमरान खान पर विपक्ष के सांसदों ने चुनाव आयोग में मामले की शिकायत की थी। इमरान पर आरोप था कि उन्होंने तोशखाना में जमा गिफ्ट्स को सस्ते में खरीदा और ज्यादा दामों में बेच दिया।

जानिए क्या है तोशखाना केस
चुनाव आयोग के सामने सत्ताधारी पाकिस्तानी डेमोक्रेटिक मूवमेंट ने तोशखाना गिफ्ट मामला उठाया था। कहा था कि इमरान ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न देशों से मिले गिफ्ट को बेच दिया था। इमरान ने चुनाव आयोग को बताया था कि उन्होंने तोशखाने से इन सभी गिफ्ट्स को 2.15 करोड़ रुपए में खरीदा था। इन्हें बेचकर उन्हें करीब 5.8 करोड़ रुपए मिले थे। जिन तोहफों को इमरान ने बेचा था उनमें एक बेशकीमती घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स वॉच शामिल थीं।

इमरान ने किया इस नियम का उल्लंघन
पाकिस्तान की मशहूर पत्रकार आलिया शाह के मुताबिक- पाकिस्तान में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या दूसरे पद पर रहने वालों को लोगों मिले तोहफों की जानकारी नेशनल आर्काइव को देनी होती है। इन्हें तोशाखाना में जमा कराना होता है। अगर तोहफा 10 हजार पाकिस्तानी रुपए की कीमत वाला होता है तो बिना कोई पैसा चुकाए इसे संबंधित व्यक्ति रख सकता है। 10 हजार से ज्यादा है तो 20 फीसदी कीमत देकर गिफ्ट अपने पास रखा जा सकता है। अगर 4 लाख से ज्यादा का गिफ्ट है तो इसे सिर्फ वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) या सदर-ए-रियासत (राष्ट्रपति) ही खरीद सकता है। अगर कोई नहीं खरीदता तो नीलामी होगी।

फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देगी इमरान की पार्टी
इमरान सरकार में मंत्री रहे फवाद चौधरी ने कहा है कि उनकी पार्टी च्ज्प् चुनाव आयोग के इस फैसले का विरोध करेगी। और इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेगी। पाकिस्तान में तोशखाना 1974 में बना था। यह ऐसा विभाग है जिसमें प्रधानमंत्री, ब्यूरोक्रेट्स और राष्ट्रपति को देश-विदेशों से मिले तोहफे रखे जाते हैं।

सऊदी प्रिंस से मिली 16 करोड़ की घड़ी-झुमके बेच खाए
इमरान 2018 में पीएम बने। कई मुल्कों के दौरे किए, इनमें सऊदी अरब भी शामिल था। यहां के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इमरान को बेशकीमती रिस्ट वॉच गिफ्ट की। आरोप है कि प्रधानमंत्री इमरान खान और पत्नी बुशरा बीबी ने मुल्क को बिना बताए करोड़ों रुपए के गिफ्ट ही बेच दिए।
            चार महीने पहले इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की रिश्वतखोरी का एक और राज सामने आया था। तब 2 मिनट 17 सेकंड का एक ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें अरबपति कारोबारी मलिक रियाज और उसकी बेटी अंबर की बातचीत है। इसमें अंबर पिता को बताती हैं कि बुशरा बीबी 5 कैरट हीरे की अंगूठी मांग रही हैं। इसके बदले वो इमरान से ठेका दिलवा देंगी।
            छह महीने पहले इमरान की पत्नी बुशरा बीबी की करीबी दोस्त फराह खान के पाकिस्तान छोड़कर दुबई भाग गईं। उन पर अरबों रुपए के घोटाले का आरोप था। रिपोर्ट्स के मुताबिक तब पाकिस्तान में इमरान की सरकार जाने वाले थी और नई सरकार के बनते ही फराह को गिरफ्तारी का डर था। फराह अपने साथ 90 हजार डॉलर कीमती बैग में 1.66 करोड़ पाकिस्तानी रुपए लेकर जाने का भी आरोप लगा था।

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