कोरोना वैक्सीन पर बाबा रामदेव का यू टर्न, कहा- जल्द लगवाऊंगा टीका,

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कोरोना वैक्सीन पर बाबा रामदेव का यू टर्न, कहा- जल्द लगवाऊंगा टीका,

-मेरा डॉक्टरों से कोई विरोध नही, एलोपैथी में अच्छे डाक्टर देवदूत के समान

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- देश में एलोपैथी चिकित्सकों द्वारा किये जा रहे योग गुरु बाबा रामदेव के भारी विरोध को देखते हुए योग गुरू ने अब कोरोना टीके पर यू टर्न लेते हुए कहा कि जल्द लगवाउंगाा कोरोना टीका। साथ उन्होने कहा कि मेरा डाॅक्टरों से कोई विरोध नही है। इसके साथ ही बीते कई दिनों से एलोपैथी चिकित्सा पद्धति और डॉक्टरों पर निशाना साधने वाले बाबा रामदेव ने कहा कि अच्छे डॉक्टर देवदूत के समान होते हैं। बाबा रामदेव ने खुद टीका लगवाने का ऐलान करने के साथ ही अन्य लोगों से भी वैक्सीन लेने की अपील की है। रामदेव ने कहा कि योग और आयुर्वेद के साथ ही टीका भी लेना जरूरी है। इसके साथ ही रामदेव ने पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से देश के सभी लोगों को मुफ्त वैक्सीन लगाए जाने का ऐलान करने की भी तारीफ की। बाबा रामदेव के इस बयान के बाद अब संभावना व्यक्त की जा रही है कि जल्द डाॅक्टरों व बाबा के बीच विवाद खत्म हो जायेगा।
                       देश में सभी के मुफ्त टीकाकरण अभियान की शुरुआत 21 जून से शुरू हो रही है। इसी दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भी आयोजन होता है। बाबा रामदेव की ओर से टीका लगवाने और अन्य लोगों से अपील करने की बात उनके पुराने रुख के एकदम विपरीत है। इससे पहले उन्होंने कोरोना टीकों के असरदार होने को लेकर सवाल उठाया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि हजारों डॉक्टरों को वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना हो गया और तमाम मर भी गए। हालांकि बाद में पतंजलि की ओर से सफाई में कहा गया था कि बाबा रामदेव ने एक वॉट्सऐप मेसेज पढ़ते हुए यह बात कही थी। यह उनका बयान नहीं था।
                      तब से ही वह एलोपैथी चिकित्सा पद्धति और डॉक्टरों को लेकर टिप्पणी के चलते विवादों में थे। यही नहीं आईएमए की ओर से उन्हें नोटिस भी भेजा गया था। इसके अलावा हेल्थ मिनिस्टर डॉ. हर्षवर्धन के दखल पर उन्होंने माफी भी मांग ली थी, लेकिन फिर से कई बयान देकर एलोपैथी पर सवाल उठाए थे। लेकिन अब रामदेव की ओर से वैक्सीन लेने और डॉक्टरों को देवदूत बताने के बाद से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ उनका विवाद समाप्त हो सकता है। हाल ही में रामदेव ने कहा था कि उनका विवाद डॉक्टरों से नहीं है, वे तो इस धरती के लिए वरदान हैं। उनका कहना था कि उनकी जंग दवा माफियाओं के खिलाफ है। उन्होने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को जनऔषधि केंद्र इसलिए खोलने पड़े, क्योंकि कुछ लोग मूल औषधियों को ब्रांडेड के नाम पर कई गुना ज्यादा दामों पर बेचकर आर्थिक शोषण कर रहे थे, आपके संज्ञान हेतु हम कुछ औषधियों की मूल्य सूची प्रस्तुत कर रहे है। इसी वेदना से पीड़ित व द्रवित होकर हमने ड्रग माफिया कहा.।
                       रामदेव ने दवा माफिया का जिक्र करते हुए जेनेरिक दवाओं और अन्य ड्रग्स के दामों में अंतर की बात भी सोशल मीडिया पर कही थी। रामदेव ने कहा था, प्रधानमंत्री जन औषधि स्टोर इसलिए खोलने पड़े हैं क्योंकि ड्रग माफियाओं ने फैन्सी स्टोर खोल लिए थे। इन स्टोर्स पर वे जरूरी दवाओं की बजाय ऊंची कीमतों पर बेवजह की दवाएं बेचते थे।

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