कुश्ती को लेकर जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन शुरू, निशाने पर बजरंग, साक्षी और विनेश फोगाट

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कुश्ती को लेकर जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन शुरू, निशाने पर बजरंग, साक्षी और विनेश फोगाट

-सैंकड़ों जूनियर पहलवानों अपने करियर के एक महत्वपूर्ण वर्ष के नुकसान के विरोध में किया प्रदर्शन

नई दिल्ली/खेल/शिव कुमार यादव/- जंतर-मंतर पर एक बार फिर पहलवान प्रदर्शन कर रहे है। लेकिन इस बार सीनियर पहलवान नही बल्कि जूनियर पहलवान बजरंग, साक्षी और विनेश फोगाट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है। प्रदर्शनकारी पहलवानों का आरोप है कि इन पहलवानों के कारण उनका एक महत्वपूर्ण साल खराब हो गया और उनका अभ्यास बेकार गया। बता दें कि भारतीय कुश्ती में पिछले एक साल से सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सीनियर पहलवानों के प्रदर्शन के बाद भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। उसके बाद चुनाव हुए तो खिलाड़ियों ने नए अध्यक्ष संजय सिंह का विरोध किया।

साक्षी मलिक ने संन्यास का एलान कर दिया और बजंरग पूनिया-विनेश फोगाट ने अपने पुरस्कार वापस कर दिए। खेल मंत्रालय ने फिर कुश्ती संघ को ही निलंबित कर दिया। अब बुधवार (तीन जनवरी) को एक बार फिर पहलवान जंतर-मंतर पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इस बार यह विरोध कुश्ती संघ या उसके अधिकारियों के खिलाफ नहीं बल्कि बजरंग, साक्षी और विनेश फोगाट के खिलाफ है। भारतीय कुश्ती में चल रहे संकट ने बुधवार को एक नया मोड़ ले लिया जब सैकड़ों जूनियर पहलवान अपने करियर के एक महत्वपूर्ण वर्ष के नुकसान के विरोध में जंतर-मंतर पर एकत्र हो गए। इस स्थिति के लिए उन्होंने शीर्ष पहलवान बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश को दोषी ठहराया। बसों में भरकर, जूनियर पहलवान उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।

लग रहे बजरंग, साक्षी और विनेश के खिलाफ नारे
लगभग 300 लोग छपरौली, बागपत में आर्य समाज अखाड़े से आए थे, जबकि कई अन्य नरेला में वीरेंद्र कुश्ती अकादमी से आए थे। कई लोग अभी भी बसों में भरे हुए हैं। सभी अपने सहयोगियों के साथ प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें नियंत्रित करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। वह बजरंग, साक्षी और विनेश के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के हाथ में बैनर थे जिन पर लिखा था, ’’यूडब्ल्यूडब्ल्यू हमारी कुश्ती को इन तीन पहलवानों से बचाएं।’’

एक साल पहले शीर्ष तीन पहलवानों को मिला था भारी समर्थन
लगभग एक साल पहले जंतर-मंतर पर शीर्ष तीन पहलवान अपने उद्देश्य के लिए भारी समर्थन हासिल करने में कामयाब रहे थे। उन्होंने पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। किसान समूहों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनेताओं, महिला समूहों और कुश्ती बिरादरी के सदस्यों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के हजारों लोग मलिक, फोगाट और पूनिया के समर्थन में सामने आए।

क्या है पहलवानों की मांग?
इन तीनों को अब अपने समुदाय के भीतर से विरोध का सामना करना पड़ रहा है और जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए लोगों ने उन पर अपना करियर बर्बाद करने का आरोप लगाया है। जनवरी 2023 से राष्ट्रीय शिविर और प्रतियोगिताएं रुकी हुई हैं क्योंकि भारतीय कुश्ती संघ को दो बार निलंबित कर दिया गया है।

अब एक तदर्थ पैनल खेल का संचालन कर रहा है। बुधवार को विरोध करने वालों ने मांग की कि खेल मंत्रालय द्वारा खेल को चलाने के लिए नियुक्त किए गए तदर्थ पैनल को भंग करके निलंबित भारतीय कुश्ती संघ को बहाल किया जाए।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox