कनाडा में आम चुनाव में लिबरल पार्टी जीती, नही मिल पाया बहुमत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कनाडा में आम चुनाव में लिबरल पार्टी जीती, नही मिल पाया बहुमत

-कनाडा चुनाव में जीतकर भी ’हारे’ प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, पार्टी की लगातार तीसरी बार जीत

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/टोरंटो/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कनाडा के आम चुनाव में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को बड़ा झटका लगा है। कनाडा के लोगों ने सोमवार को चुनाव में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी को जीत दिलाई है लेकिन अधिकतर सीटों पर बड़ी जीत की उनकी मंशा पूरी नहीं हो पायी है। लिबरल पार्टी ने किसी भी पार्टी की तुलना में सबसे अधिक सीटें हासिल की हैं। ट्रूडो ने 2015 के चुनाव में अपने दिवंगत पिता एवं पूर्व प्रधानमंत्री पियरे ट्रूडो की लोकप्रियता का सहारा लिया और चुनाव में जीत हासिल की थी।
                     फिर पार्टी का नेतृत्व करते हुए पिछले दो बार के चुनाव में उन्होंने अपने दम पर पार्टी को जीत दिलायी। लिबरल पार्टी 148 सीट पर आगे है जबकि कंजरवेटिव पार्टी 103 सीटों पर आगे है, ब्लॉक क्यूबेकोइस 28 और वामपंथी न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी 22 सीटों पर आगे है। फिलहाल ऐसा प्रतीत नहीं होता कि ट्रूडो पर्याप्त सीटें जीत पाएंगे और अन्य पार्टियों के सहयोग के बिना किसी कानून को पारित करा पाएंगे। लेकिन वह इतनी सीटें जरूर जीत जाएंगे उन्हें पद से हटाने का खतरा नहीं रहेगा।
                     विपक्ष ट्रूडो पर अपने फायदे के लिए समय से दो साल पहले चुनाव कराने का आरोप लगाता रहा है। ट्रूडो ने दावा किया था कि कनाडा के लोग महामारी के दौरान कंजरवेटिव पार्टी की सरकार नहीं चाहते। कनाडा वर्तमान में दुनिया के उन देशों में शामिल है जिसके अधिकतर नागरिकों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। टोरंटो विश्वविद्यालय में कनाडाई इतिहास और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर रॉबर्ट बोथवेल का कहना है, ‘ट्रूडो ने स्थिति को समझने में मूर्खतापूर्ण भूल की है।’
                    ट्रूडो ने एक ऐसी स्थिर अल्पमत की सरकार के साथ चुनाव में प्रवेश किया, जिस पर अपदस्थ होने का खतरा नहीं था। विपक्ष ने समय सीमा से दो साल पहले मध्यावधि चुनाव कराने को लेकर ट्रूडो पर लगातार निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी निजी महत्वाकांक्षा के लिए यह कदम उठाया। उधर, ट्रूडो ने देश की जनता को चेताया था कि उनके प्रतिद्वंद्वी महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई को कमजोर करेंगे। उन्होंने कहा कि कनाडा के लोगों को ऐसी सरकार की जरुरत है, जो विज्ञान पर भरोसा करे। ट्रूडो ने मांट्रियल में रविवार को चुनाव प्रचार अभियान समाप्त करते हुए कहा था, ‘हमें कंजर्वेटिव सरकार की जरुरत नहीं है, जो टीकाकरण के क्षेत्र में नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर सकेगी और न ही विज्ञान के क्षेत्र में हमें उसकी जरुरत है।’

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox