कनाडा के एनआरआई कारोबारी से 5.50 करोड़ ठगने वाला पुलिस ने धरा

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August 26, 2026

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कनाडा के एनआरआई कारोबारी से 5.50 करोड़ ठगने वाला पुलिस ने धरा

-एक पांच सितारा होटल का मालिक बता कर रहा था धोखाधड़ी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/-आर्थिक अपराध शाखा ने पांच सितारा होटल में 50 फीसदी हिस्सेदारी देने का झांसा देकर एनआरआई कारोबारी से 5.50 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को जनकपुरी से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को होटल का मालिक बताकर फर्जी कागजात के जरिये धोखाधड़ी कर रहा था।
                      शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान विकासपुरी के लक्ष्मी विहार अपार्टमेंट निवासी राज कुमार खत्री के रूप में हुई है। कनाडा के एक कारोबारी ने वर्ष 2021 के शुरुआती माह में शाखा में ठगी की शिकायत की थी। उसने बताया कि राज कुमार खत्री खुद को ऑल इंडिया हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन का अध्यक्ष और त्रिमूर्ति इंपेक्स का मालिक बताकर उससे मिला। फर्जी कागजात की मदद से उसने बताया कि वह एयरोसिटी में निर्माणाधीन पांच सितारा होटल का मालिक है। साथ ही उसमें हिस्सेदारी देने का झांसा देकर उसकी कनाडा स्थित करोड़ों की 11 संपत्तियों को हथिया लिया। कारोबारी के दिल्ली आने पर आरोपी ने होटल का काम पूरा नहीं होने और उसे बड़े बिजनेस हाउस को बेचने की बात कहकर उसके पैसे और संपत्ति वापस करने की बात कही, लेकिन पैसे व संपत्ति वापस नहीं होने पर कारोबारी ने शाखा में शिकायत कर दी।
                      जांच में उपनिरीक्षक शंकर चौधरी ने पाया कि वर्ष 2012 में आरोपी ने फर्जी कागजात के जरिये कनाडा में मेसर्स रुहानी कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाई, जिसके मार्फत कारोबारी से एक सौदा किया, जिसमें उसने कारोबारी को निर्माणाधीन पांच सितारा होटल के 50 फीसदी शेयर देने का आश्वासन दिया। इसके बदले में कारोबारी की कनाडा की 11 संपत्तियां कंपनी के नाम ट्रांसफर करवा लीं। सौदा करने के लिए आरोपी शिकायतकर्ता को 2012 में पांच सितारा होटल के निर्माणाधीन स्थल पर भी ले गया और उसे डीडीए भूमि आवंटन के कागजात भी दिखाए, जो फर्जी थे। साथ ही जाली कागजात दिखाकर बताया कि होटल का सौदा किसी बड़े व्यापारिक घराने से हो गया है।
                         शिकायतकर्ता की संपत्ति लेने के बाद आरोपी ने कनाडा में उन्हें गिरवी रखकर उससे ऋण में मिले 5.50 करोड़ रुपये को त्रिमूर्ति इंपेक्स में स्थानांतरित कर दिया। जांच में पता चला कि आरोपी की निर्माणाधीन पांच सितारा होटल में कोई हिस्सेदारी नहीं है। यह भी पता चला कि आरोपी राजकुमार पर विकासपुरी और आईजीआई थाने में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी जमानत के लिए अदालत की शरण में गया। अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद पुलिस ने उसे जनकपुरी से गिरफ्तार कर लिया।

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