कटक में हिंसा के बाद 36 घंटे का कर्फ्यू लागू

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September 8, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-कर्फ्यू के नियम और छूट

ओडिशा /उमा सक्सेना/-    अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नरसिंह भोला ने जानकारी दी कि कर्फ्यू के दौरान सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। हालांकि, आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, मेडिकल स्टोर, किराना दुकानें और पेट्रोल पंप को खुला रखने की अनुमति दी गई है।
शैक्षणिक संस्थानों — स्कूल और कॉलेज — को भी सामान्य रूप से संचालित करने की छूट दी गई है।

भोला ने बताया कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

पुलिस बलों की भारी तैनाती
शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 60 पुलिस पलटन तैनात की गई हैं। इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), बीएसएफ, सीआरपीएफ और ओडिशा स्विफ्ट एक्शन फोर्स की कुल आठ कंपनियां भी महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात की गई हैं।
कर्फ्यू से प्रभावित प्रमुख क्षेत्रों में दरगाह बाजार, मंगलाबाग, पुरिघाट, लालबाग और जगतपुर शामिल हैं।

डीजीपी की जनता से अपील
ओडिशा के डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भड़काऊ संदेशों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने नागरिकों से केवल आधिकारिक स्रोतों — पुलिस की वेबसाइट, कमिश्नरेट के सोशल मीडिया अकाउंट और ट्विटर हैंडल — से ही जानकारी लेने की सलाह दी।

सत्ता पक्ष और विपक्ष ने की शांति की अपील
राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माजी, पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और स्थानीय विधायकों ने नागरिकों से साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
मुख्यमंत्री माजी ने कहा, “ओडिशा की पहचान शांति और एकता से है। साम्प्रदायिक सौहार्द पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा, और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

कैसे भड़की हिंसा
सूत्रों के मुताबिक, हिंसा की शुरुआत शुक्रवार रात हाती पोखरी इलाके में हुई, जब दुर्गा पूजा विसर्जन रैली में तेज़ संगीत को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद बढ़ गया।
रविवार को स्थिति तब और बिगड़ी जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) की मोटरसाइकिल रैली प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करते हुए निकली। सुरक्षा कर्मियों ने रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए।
झड़प के दौरान पत्थरबाजी, आगजनी, रबर की गोलियों और आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ। इसमें करीब 25 लोग घायल हुए, जिनमें 8 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

रविवार शाम गौरीशंकर पार्क के पास कई दुकानों और सीसीटीवी कैमरों में तोड़फोड़ की गई, जबकि फायर सर्विस और पुलिस ने मिलकर स्थिति पर जल्द काबू पाया।

इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाएं बंद
हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाओं — जैसे व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), और स्नैपचैट — को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
यह रोक रविवार शाम 7 बजे से सोमवार शाम 7 बजे तक लागू रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम भड़काऊ और अफवाह फैलाने वाले संदेशों को रोकने के लिए उठाया गया है।

वर्तमान स्थिति नियंत्रण में
प्रशासन का दावा है कि स्थिति अब धीरे-धीरे नियंत्रण में है। पुलिस बल लगातार गश्त कर रहे हैं और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार हैं।

प्रशासन ने कहा है कि जनता के सहयोग से जल्द ही शहर में शांति और सामान्य जीवन बहाल कर दिया जाएगा।   

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