
नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- जयशंकर ने वांग को बताया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का सम्मान और सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना आवश्यक है। विदेश मंत्री ने भारत के इस दृढ़ दृष्टिकोण की भी दोहराया कि दोनों देशों के बीच संबंध आपसी सम्मान, हित और संवेदनशीलता पर आधारित होने चाहिए।

विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना में मुलाकात की। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में जारी सीमा विवाद के बीच दोनों देशों के विदेश मंत्री शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन से इतर मिले। दोनों ने पूर्वी लद्दाख में मुद्दों को हल करने के लिए कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के जरिए प्रयासों को बढ़ाने पर सहमति जताई।
जयशंकर ने वांग को बताया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का सम्मान और सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना आवश्यक है। विदेश मंत्री ने भारत के इस दृढ़ दृष्टिकोण की भी दोहराया कि दोनों देशों के बीच संबंध आपसी सम्मान, हित और संवेदनशीलता पर आधारित होने चाहिए।
जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा कि आज सुबह अस्ताना में सीपीसी पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। सीमा क्षेत्रों में शेष मुद्दों के शीघ्र समाधान पर चर्चा की। इस दिशा में कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के जरिए प्रयासों को दोगुना करने पर सहमति व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि एलएसी का सम्मान करना, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना आवश्यक है। परस्पर सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और परस्पर हित हमारे द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे।





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