‘ऑटोपायलट पर भी चले तो बनेगा विकसित भारत’ 

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September 7, 2026

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-एनएसए अजीत डोभाल का आत्मविश्वास भरा संदेश

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने शनिवार को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) के उद्घाटन सत्र में युवाओं को संबोधित करते हुए देश के भविष्य को लेकर बड़ा और प्रेरणादायक बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका है कि अगर यह देश ऑटोपायलट मोड में भी आगे बढ़ता रहे, तो भी विकसित भारत बनने की दिशा से नहीं भटकेगा।

युवाओं से संवाद में साझा किया निजी अनुभव
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए अजीत डोभाल ने युवाओं से खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनका कार्यक्षेत्र और अनुभव युवाओं से बिल्कुल अलग रहा है और उम्र का अंतर भी काफी बड़ा है। उन्होंने बताया कि उनका जन्म आज़ादी से पहले हुआ था और उन्होंने स्वतंत्र भारत का निर्माण होते देखा है। ऐसे में बदलते दौर को समझना उनके लिए भी एक सीखने की प्रक्रिया है।

निर्णय लेने की क्षमता से तय होता है जीवन का रास्ता
एनएसए डोभाल ने युवाओं को जीवन का अहम मंत्र देते हुए कहा कि किसी भी इंसान की दिशा और दशा उसके फैसलों पर निर्भर करती है। हर दिन लिए गए छोटे-बड़े निर्णय भविष्य की नींव रखते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत का विकसित होना तय है और आने वाले वर्षों में युवा ही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनेंगे।

शक्ति और आत्मविश्वास से ही सुरक्षित रहती है आज़ादी
वैश्विक हालात पर टिप्पणी करते हुए डोभाल ने कहा कि दुनिया में होने वाले संघर्ष इस बात का प्रमाण हैं कि ताकतवर देश अपनी इच्छा दूसरों पर थोपना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो राष्ट्र शक्तिशाली और आत्मविश्वासी होता है, वही सच मायनों में स्वतंत्र रह पाता है। उन्होंने मजबूत नेतृत्व को देश के लिए सौभाग्य बताया और कहा कि नेतृत्व की प्रतिबद्धता पूरे राष्ट्र को दिशा देती है।

इतिहास से सीख और भारत की वैश्विक भूमिका
डोभाल ने विश्व अर्थव्यवस्था का इतिहास पुस्तक का उल्लेख करते हुए बताया कि लंबे समय तक भारत और चीन विश्व अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत कभी विज्ञान, तकनीक और अर्थव्यवस्था में अग्रणी था, लेकिन समय के साथ उसका पतन भी हुआ। इससे यह सीख मिलती है कि प्रगति को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं।

राष्ट्र निर्माण एक सतत संघर्ष
एनएसए ने कहा कि राष्ट्रवाद और राष्ट्र की मजबूती कोई स्थायी स्थिति नहीं होती, बल्कि यह एक निरंतर संघर्ष है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने मूल्यों, संस्कृति और आत्मसम्मान के साथ देश को आगे ले जाएं। इतिहास हमें चेतावनी भी देता है और प्रेरणा भी।

शहीदों के बलिदान को किया याद
अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आज़ादी अनगिनत बलिदानों की देन है। भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों के संघर्षों ने भारत को नई पहचान दी। उन्होंने कहा कि आज का युवा उस इतिहास से प्रेरणा लेकर एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर सकता है।

युवाओं के नाम संदेश
कार्यक्रम के अंत में एनएसए डोभाल ने कहा कि बदला लेना लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि अपने मूल्यों के आधार पर एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण ही सच्ची विजय है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाली पीढ़ी भारत को उस ऊंचाई तक ले जाएगी, जिसकी कल्पना आज की जा रही है।

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