नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/चंडीगढ़/शिव कुमार यादव/- ई-टेंडरिंग पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व सरपंचों में चल रही खींचतान को खत्म करने व सरपंचों को मनाने के लिए सीएम खट्टर ने आज प्रेस कांफ्रेस कर ई-टेंडरिंग पर कई बड़े ऐलान किये। सीएम ने सरपंचों को ई-टेंडरिंग पर राहत देते हुए कहा कि सरपंचों के काम करवाने की लिमिट को दो लाख रुपये से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये कर दिया गया है। अब पाँच लाख रुपये से ऊपर के काम ई-टेंडरिंग के जरिये होंगे। सरकार ने ये फैसला सरपंचों की मांगों को लेकर किया है। वहीं सीएम ने सरपंचों को खुश करने के लिए उनका वेतन भी 3 हजार से 5 हजार मासिक कर दिया है। अब देखना यह है कि इन घोषणाओं के बाद भी क्या सरपंच सरकार से समझौता करते है या नही।
सीएम मनोहर लाल ने आज पंचायती राज के मुद्दे को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें उन्होंने कहा कि ई-टेंडरिंग को लेकर भ्रांतियां फैलाई जा रही है। हमने ब्म्व् की भर्तियां शुरू की, इससे पहले पंचायती राज में पहले सीईओ की भर्तियां नहीं होती थी। प्रत्येक जिला परिषद का अपना कार्यकाल होगा। पंचायतों को 850 सौ करोड रुपए अलॉट किए गए हैं। पहली तिमाही में करीब 12 करोड़ रुपए अलॉट किए हैं। हमारी सरकार ने खेत खलिहान योजना पर विशेष ध्यान दिया है। 10,000 से ज्यादा आबादी वाले गांवों में स्ट्रीट लाइट होगी। मिड-डे मील की मॉनिटरिंग जिला परिषद करेगा। गांव-गांव में विकास कराया जाएगा। प्रदेश के सभी 22 जिलों के विकास पर हमारा फोकस है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे पंचायती राज सिस्टम का अध्ययन करने जाएंगे और हर 3 महीने में जॉइंट मीटिंग होगी। हर महीने काम का फ़ीडबैक लिया जाएगा। ईटेंडरिंग को लेकर लोगों से फीडबैक लिया गया है। इसके लेकर अधिकांश सरपंचों ने सहमति जताई है। इतना ही नहीं, ई-टेंडरिंग के तहत अधिकतर सरपंचों ने काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि ई टेंडरिंग योजना से पारदर्शिता आएगी। इतना ही नहीं, सीएम ने सरपंचों का मानदेय बढ़ाने का भी ऐलान कर दिया। सरपंचों का मानदेय 3000 से बढ़ाकर 5000 कर दिया गया है। वहीं पंचों का भी वेतन एक हजार से बढ़ाकर 1600 रूपये कर दिया है। साथ ही बड़ी पंचायतों को 25 लाख रूपये तक की विकास राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
बता दें कि सरकार व सरपंचों के बीच ई-टेंडरिंग को लेकर काफी दिनों से घमासान मचा हुआ है। सरपंच एसोसिएशन और सरकार के बीच कई राउंड की बातचीत हुई लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। मंगलवार को भी सरपंचों ने मुख्यमंत्री खट्टर से मुलाकात की थी लेकिन उनके बीच कोई सहमति नहीं बन पाई थी। जिसके बाद सरपंचों ने सरकार को चेतावनी दी थी कि वे 17 मार्च को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। अब आज सीएम ने इसकी लिमिट दो लाख से पांच लाख कर दिया है और इसके साथ कई ऐलान किया है। अब देखने वाली बात ये होगी कि सरपंच सरकार के इस फैसले पर क्या कहते हैं।


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