आज से देश में होंगे तीन नए आपराधिक कानून लागू, देश की राजधानी दिल्ली में हुई पहली एफआईआर दर्ज

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October 20, 2026

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आज से देश में होंगे तीन नए आपराधिक कानून लागू, देश की राजधानी दिल्ली में हुई पहली एफआईआर दर्ज

-भारतीय न्याय संहिता की धारा 285 के तहत मामला किया गया दर्ज

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- देश में आज से तीन नए आपराधिक कानून (भारतीय न्यायिक संहिता, 2023) लागू हो गए हैं। इसके तहत देश की राजधानी दिल्ली में पहली एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी के मुताबिक, पहली एफआईआर दिल्ली के कमला मार्केट थाने में भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत दर्ज की गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज के नीचे बाधा उत्पन्न करने और बेचने के आरोप में एक स्ट्रीट वेंडर के खिलाफ भारतीय न्यायिक संहिता की धारा 285 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि देर रात गश्त के दौरान पुलिसकर्मी ने रेलवे स्टेशन के पास सड़क के बीचों-बीच रेहड़ी लगाकर एक व्यक्ति को पानी और गुटखा बेचते देखा, जिससे लोगों को गुजरने में दिक्कत हो रही थी।कई बार कहने पर वो नहीं माना और मजबूरी का हवाला देकर चला गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने उसका नाम-पता पूछा और नये कानून बीएनएस की धारा 285 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

आज से लागू हो गए हैं तीन नए आपराधिक कानून

आज से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। भारतीय न्याय संहिता 1860 में बनी आईपीसी की जगह लेगी, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 1989 में बनी सीआरपीसी की जगह लेगी और 1872 में बने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम लेगी। इन कानूनों के लागू होने से ब्रिटिश काल के कानून खत्म हो जाएंगे और भारतीय न्याय व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। नए कानूनों में कुछ धाराएं बदली गई हैं, कुछ नई जोड़ी गई हैं और कुछ को खत्म भी किया गया है।

90 दिन के अंदर दाखिल करनी होगी चार्जशीट

नए कानून के लागू होने के बाद पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के 90 दिन के भीतर आरोप पत्र दाखिल करना होगा। 60 दिनों के भीतर आरोप तय करने होंगे और सुनवाई पूरी होने के 30 दिनों के भीतर अदालत को अपना फैसला सुनाना होगा। वहीं, नए कानूनों में इलेक्ट्रॉनिक तरीके (ऑडियो-वीडियो) से जुटाए गए सबूतों को प्रमुखता दी गई है। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत कोई भी नागरिक किसी अपराध के संबंध में देश में कहीं भी जीरो एफआईआर दर्ज करा सकता है। इसे 15 दिनों के अंदर संबंधित थाने में स्थानांतरित किया जाना चाहिए।

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