
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- कोरोना के बाद विश्व आर्थिक विकास के धीमा होने की संभावना पर अपने विचार रखते हुए आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने गुरुवार को कहा कि अगले पांच वर्षों के लिए विकास दर लगभग 3 फीसदी या इससे भी कम रहने की उम्मीद है। जिससे वैश्विक स्तर पर उच्च गरीबी और भूख दर बढ़ने का खतरा काफी बढ़ गया है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था के 2023 में 3 फीसदी से कम बढ़ने की उम्मीद है। यह आंकड़ा पिछले साल के 3.4 फीसदी से भी कम है।

उन्होंने कहा कि धीमी वृद्धि दर वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक “गंभीर झटका“ साबित होगी। कम आय वाले देशों के लिए इससे निपटना और भी मुश्किल हो जाएगा। जॉर्जीवा ने कहा कि आने वाले दिनों में गरीबी और भुखमरी और बढ़ सकती है। यह खतरनाक प्रवृत्ति है जो कोविड संकट के दौरान शुरू हुई थी।
अगले हफ्ते होने वाली है आईएमएफ और विश्व बैंक की बैठक
जॉर्जीवा की टिप्पणी आईएमएफ और उसकी सहयोगी ऋण एजेंसी विश्व बैंक की वाशिंगटन में अगले सप्ताह होने वाली बैठकों से पहले आई है, जहां नीति निर्माता वैश्विक अर्थव्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बैठक करेंगे। आईएमएफ प्रमुख ने यह भी कहा कि लगातार उच्च ब्याज दरें और अमेरिका व यूरोप में बैंकिंग सेक्टर की विफलताओं की एक शृंखला वैश्विक वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा हैं।





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