अमीरों को बच्चे सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का द्वारका पुलिस ने किया भंडाफोड़

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अमीरों को बच्चे सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का द्वारका पुलिस ने किया भंडाफोड़

-पुलिस ने गुजरात, राजस्थान व दिल्ली में सक्रिय गिरोह के 03 सदस्यों को किया गिरफ्तार -आरोपियों से एक 3-4 दिन का बच्चा किया बरामद

द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह की कमर तोड़ते हुए द्वारका जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने दिल्ली एनसीआर में अमीरों को बच्चे सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गुजरात, राजस्थान और दिल्ली में सक्रिय गिरोह के 03 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 3-4 दिन का एक नवजात बच्चा भी बरामद किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह बच्चा किसका व कहां से चुराया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए द्वारका डीसीपी अंकित सिंह ने बताया कि दिल्ली पुलिस बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति शून्य सहिष्णुता की तर्ज पर काम करती है। द्वारका जिला की स्पेशल स्टाफ टीम इसका जीता जागता प्रमाण है। टीम ने एक बार फिर अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह के 03 सदस्यों को गिरफ्तार करके एक शानदार उपलब्धि हासिल की है, जिनके नाम हैं यास्मीन पत्नी मोहम्मद नदीम, उम्र 30 वर्ष, अंजलि पत्नी नितिन कुमार, उम्र 36 वर्ष, जितेन्द्र पुत्र लेफ्टिनेंट धन्ना लाल, उम्र 47 वर्ष है। ये तीनों अंतरराज्यीय गिरोह के प्रमुख सदस्य हैं। इनके पास से लगभग 3-4 दिन का एक नवजात शिशु भी बरामद किया गया है।

द्वारका जिला की स्पेशल स्टाफ टीम को मानव तस्करी के बारे में एक गुप्त सूचना मिली थी। जिसे देखते हुए एसीपी ऑपरेशन राम अवतार ने इंस्पेक्टर विश्वेंद्र ढाका – प्रभारी स्पेशल स्टाफ द्वारका के नेतृत्व में एसआई राकेश मूंड, एएसआई करतार सिंह, एचसी कुलदीप, कांस्टेबल हेमराज, एचसी प्रवीण, एचसी अजय, एचसी सुधीर पाल, डब्लू/एचसी गीता, कांस्टेबल रवि और डब्लू/टीसी सुरेंद्र कौर की एक टीम का गठन किया। इस पर, टीम ने जानकारी को विकसित किया और संदिग्धों पर नज़र रखना शुरू कर दिया। 20 से अधिक संदिग्ध नंबरों की सीडीआर का विश्लेषण किया गया। टीम ने 20 दिनों तक दिन-रात कड़ी मेहनत की। टीम के समर्पित और केंद्रित प्रयासों का उस समय बहुत बड़ा लाभ मिला जब 8 अप्रैल को, टीम ने कड़ी योजना, व्यापक क्षेत्र कार्य, रातों और दिनों की सूचना संग्रह के बाद, उत्तम नगर, दिल्ली से 3 व्यक्तियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। इनमें यास्मीन पत्नी मोहम्मद नदीम, निवासी गली नंबर 3, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, दिल्ली, उम्र 30 वर्ष, 2. अंजलि पत्नी नितिन कुमार, निवासी जी-ब्लॉक, मालवीय नगर, दिल्ली, उम्र 36 वर्ष तथा 3. जितेन्द्र पुत्र लेफ्टिनेंट धन्ना लाल, निवासी मदनगीर, दिल्ली, उम्र-47 वर्ष थे। उनके कब्जे से करीब 3-4 दिन का एक नाबालिग बालक भी बरामद किया गया। तदनुसार, एफआईआर संख्या 178/25, दिनांक 08/04/25, यू/एस 143(4) 61(2) 3(5) बीएनएस एवं 81 जेजे एक्ट, थाना उत्तम नगर, दिल्ली के तहत मामला दर्ज किया गया तथा आरोपी यास्मीन, अंजलि और जितेन्द्र को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि गिरोह के सरगना सरोज के निर्देश पर वे अपने साथियों के साथ राजस्थान और गुजरात से नवजात बच्चों को लाते हैं और उन्हें दिल्ली के अमीर परिवारों को करीब 5-10 लाख रुपये में बेच देते हैं। माता-पिता, गिरोह के सरगना और अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है। आरोपी अंजलि इसी तरह के मामले में शामिल है।

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