तिहाड़ जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर लगा सवालिया निशान, हत्यारोपी का तिहाड़ जेल से दिनदहाड़े हुआ अपहरण

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 3, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

तिहाड़ जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर लगा सवालिया निशान, हत्यारोपी का तिहाड़ जेल से दिनदहाड़े हुआ अपहरण

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- हत्या में वांछित आरोपी को शुक्रवार सुबह तिहाड़ जेल परिसर से दिनदहाड़े अगवा करने और उसके वकील से मारपीट करने का मामला सामने आया है। कुछ पुलिसकर्मी व दो-तीन अन्य लोग जेल में घुसकर आरोपी को मारपीट कर उठाकर ले गए, लेकिन जेल के गेट पर उनकी रजिस्टर में एंट्री तक नहीं की गई। आरोपी जेल में मजिस्ट्रेट के समक्ष सरेंडर करने आया था। जेल में हुई इस घटना से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि कोर्ट ने थानेदार व जांच अधिकारी को तलब कर लिया है और संदिग्ध पुलिसकर्मियों से पूछताछ भी की जा रही है।
इस मामले को तिहाड़ जेल के ड्यूटी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट राघव शर्मा ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने सुभाष प्लेस थानाध्यक्ष व मामले के जांच अधिकारी (आईओ) को तलब किया है। इसके साथ ही संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त को आरोपी के संबंध में जानकारी लेकर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इस मामले की सुनवाई शनिवार को होगी।
मामला सुभाष पैलेस थाने से संबंधित है। हत्या में वांछित कार्तिक उर्फ माधव ने रोहिणी अदालत में सरेंडर करने के लिए 22 दिसंबर को आवेदन किया था। सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से होने के कारण अदालत ने उसे जेल में डयूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष सरेंडर करने के लिए कहा। शुक्रवार सुबह सुनवाई शुरू होने से पहले ही यह वारदात हो गई।
आरोपी के वकील अनवर अहमद खान ने कोर्ट से कहा कि वह मुवक्किल के साथ जेल परिसर में वाटर पार्क के पास थे। इसी दौरान तीन-चार लोगों ने उनके मुवक्किल व उनसे मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच दो-तीन पुलिसकर्मी आए और उन्होंने भी मारपीट की। इसके बाद उनके मुवक्किल को उठाकर ले गए।

पुलिसकर्मियों पर ही लग रहा आरोप
अदालत ने मामले को गंभीरता से लेकर जेल परिसर के गेट नंबर एक पर तैनात एएसआई (सीआरपीएफ) रणवेश कुमार, होमगार्ड भागीरथ, कांस्टेबल दत्तू मोरे से घटना के संबंध में पूछताछ की। उन्होंन वारदात की पुष्टि करते हुए कहा कि वे पुलिसकर्मी ही थे। अदालत के पूछने पर उन्होंने बताया कि गेट पर रखे रजिस्टर में उनकी एंट्री नहीं हो पाई।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox