फडण्वीस के ‘कराची होगा भारत का हिस्सा’ वाले बयान पर संजय राउत ने कहा पहले पीओके लाये

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

February 2023
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728  
February 8, 2023

हर ख़बर पर हमारी पकड़

फडण्वीस के ‘कराची होगा भारत का हिस्सा’ वाले बयान पर संजय राउत ने कहा पहले पीओके लाये

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/मुंबई/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- भारतीय जनता पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के ‘कराची एक दिन भारत का हिस्सा होगा’ वाले बयान पर शिवसेना नेता संजय राउत ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है राउत ने कहा कि हमें कराची की बजाय पहले कश्मीर के उन बाकी हिस्सों के बारे में सोचना चाहिए जिसे पाकिस्तान ने कब्जा कर रखा है।
पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने कहा- “सबसे पहले कश्मीर का वो हिस्सा लाएं जिसे पाकिस्तान ने कब्जा में ले रखा है. उसके बाद हम कराची जाएंगे।“ गौरतलब है कि एक दिन पहले फडणवीस ने कहा कि वह अखंड भारत में विश्वास रखते हैं और एक दिन कराची भारत का हिस्सा होगा। बांद्रा वेस्ट स्थित एक कराची नाम के स्वीट दुकान के नाम पर शिवसेना नेता की तरफ से आपत्ति जताने और उसका नाम बदलने के लिए कहने के वीडियो वायरल होने पर फडणवीस अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। यहां बता दें कि “नीतिन नंदगांवकर उस वीडियो में यह कहते हुए सुनाई पड़ रहे हैं- आपको नाम बदलना होगा, इसके लिए हम आपको समय दे रहे हैं। कराची का नाम बदलकर कुछ मराठी में रख लें।”
शिवसेना नेता ने जिरह करते हुए दुकान के मालिक से कहा कि वे चाहें तो दुकान का नाम कुछ भी रख लें, अपने पूर्वजों का नाम ही रख लें, लकिन कराची नाम बिल्कुल न रखें क्योंकि यह नाम आतंकियों के साथ जुड़ा हुआ है। दुकान मालिक नंदगांवकर को यह समझाने का प्रयास करता हैं कि उस दुकान का अब कराची से कोई संबंध नहीं है, लेकिन शिवसेना नेता कहते हैं कि उन्हें खुद इसके नाम में ही दिक्कत है। वह दुकान मालिक से यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं- “हम आपको नाम देते हैं, आपको दुकान का नाम बदलना ही होगा क्योंकि यह पाकिस्तान से जुड़ा है। इसे कराची से बदलकर कुछ मराठी में रखे लें।” वीडियो के अंत में नंदगांवकर दुकान मालिक से यह कहते हैं कि दुकान का नाम बदलने में जो उनकी मदद की जरूरत होगी वे सहायता करेंगे लेकिन दुकान का नाम सरकारी रिकॉर्ड में भी यह बदलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे फिर 15 दिनों के बाद यहां पर आएंगे।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox