आईटीबीपी के तुगलकी आदेश से लाखों पूर्व अर्धसैनिकों में भारी रोष

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आईटीबीपी के तुगलकी आदेश से लाखों पूर्व अर्धसैनिकों में भारी रोष

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने आईटीबीपी द्वारा 24 सितम्बर 2020 एक नई एसओपी ( स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के तहत आदेश जारी कर दिया गया जिसमें हिमवीरों को छोड़कर अन्य फोर्सेस के रिटायर्ड अर्धसेनिकों को कैंटीन से मिलने वाली मदिरा पर प्रतिबंध लगा दिया जिसके कारण देशभर के सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ व एसएसबी के पूर्व पैरामिलिट्री परिवारों में भारी रोष व्याप्त है और इस नादिरशाह फरमान के कारण कैंटीन में मिलने वाली घरेलू वस्तुओं एवं मदिरा से वंचित होना पड़ा है।
महासचिव रणबीर सिंह ने प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि क्या क्या इस तरह के वाहियात आदेश निकालने से पहले वक्त अन्य फोर्सेस महानिदेशकों व वार्ब चेयरमैन से सलाह मशविरा किया गया। क्या इस तरहां के गैरजिम्मेदाराना फरमान जारी करने से पहले माननीय ग्रह मंत्री श्री अमित शाह से सलाह ली गई। सैंट्रल पुलिस कैंटीन को पहले जीएसटी छूट से वंचित किया जाना फिर प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर वोकल से लोकल बनाना ओर अब त्योहारों के सीजन, दिवाली, क्रिसमस, व आने वाले नये साल के मौके पर बलों के पुर्व अर्धसैनिकों के कैंटीन प्रवेश पर प्रतिबंध। क्या ये आईपीएस बाबुओं द्वारा मनचाही मनमानी माना जाए जिसका कि कैडर आफिसर्स हमेशा विरोध करते रहे हैं।
महासचिव ने आईटीबीपी द्वारा अभी हाल ही 3 अक्टूबर को फिर से निकाले अपने हास्यास्पद आदेश में अन्य बलों के पुर्व अर्धसैनिकों से कहा गया कि अपनी युनिट्स या वार्ब ( वेलफेयर एंड रिहेबिलिटेशन बोर्ड) के माध्यम से मदिरा जारी करने वास्ते आग्रह करें। अब आईटीबीपी डीजी साहब को कौन बताए कि कोविड महामारी के चलते पिछले 9 महिने से इस तरह की कोई बैठक ही नहीं हो पाई। वैसे वेलफेयर के नाम पर बना वार्ब अर्धसेनिक बलों परिवारों के साथ छलावा है जिसके वर्तमान चेयरमैन सीआरपीएफ डीजी हैं जिन्होंने पद संभालने के बाद केंद्रीय स्तर पर पुर्व अर्धसैनिकों के साथ कोई बैठक आयोजित नहीं की गई है ऐसे में हम कौन से कल्याण की अपेक्षा कर सकते हैं।
कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन द्वारा इस भेदभाव को लेकर अभी 2 नवंबर को माननीय ग्रह मंत्री श्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी गई थी उम्मीद कि इस तुगलकी आदेश की वापसी हो। कॉनफैडरेसन द्वारा चेतावनी दी गई कि अगर आईटीबीपी ने अपने 24 सितम्बर के गैरजिम्मेदाराना फरमान को वापस नहीं लिया तो देश भर के पुर्व अर्धसैनिक आईटीबीपी बटालियनों के सामने शांति पुर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

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