जेनेटिक इंजीनियरों का दावाः 2045 तक मरना हो जाएगा स्वैच्छिक

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 3, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

जेनेटिक इंजीनियरों का दावाः 2045 तक मरना हो जाएगा स्वैच्छिक

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- बार्सिलोना में दो जेनेटिक इंजीनियरों ने अपनी नई पुस्तक के प्रेजेंटेशन के दौरान दावा किया कि 25 साल बाद मरना स्वैच्छिक और उम्र बढ़ने से रोकना चिकित्सा योग्य हो जाएगा। वेनेजुएला में जन्मे जोस लुई कोरडैरो और कैंब्रिज के गणितज्ञ डेविड वुड सिम्बियन ऑपरेटिंग सिस्टम के फाउंडर हैं।

अमर रहना वैज्ञानिक संभावना
ये दोनों जेनेटिक इंजीनियर हैं और इन दोनों ने द डेथ ऑफ डेथ नाम से पुस्तक लिखी है। इनका कहना है कि अमर रहना एक वास्तविक और वैज्ञानिक संभावना है, जो मूल रूप से सोचे जाने की तुलना में बहुत पहले आ सकती है। कोरडैरो और वुड का कहना है कि 2045 के आस-पास इंसानों की मौत केवल हादसों से होगी ना कि किसी प्राकृतिक कारण या बीमारी से। इनका कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बुढ़ापे को किसी बीमारी के तौर पर वर्गीकृत किया जाता है ताकि इसके इलाज के लिए सार्वजनिक वित्त पोषण को बढ़ाया जा सके। इन दोनों इंजीनियरों का कहना है कि अन्य नई आनुवंशिक परिवर्तन तकनीकों में नैनो टेक्नोलॉजी प्रमुख है। इस प्रक्रिया में खराब जीन को स्वस्थ जीन में बदला जाएगा, शरीर से मृत कोशिकाओं को खत्म करना, नष्ट पड़ी कोशिकाओं को ठीक करना, स्टेम सेल से इलाज और महत्वपूर्ण अंगों को 3डी में प्रिंट करना शामिल है। अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी में पदस्थ कोरडैरो का कहना है, उसने ना मरने का फैसला किया है और 30 साल बाद वह आज के मुकाबले ज्यादा युवा होगा।
एजिंग, डीएनए टेल्स का परिणाम है, इन्हें टेलोमेरेस के नाम से जाना जाता है, जो क्रोमोसोम्स में होते हैं। इनमें लाल रक्त और सेक्स कोशिकाओं को छोड़कर हर सेल के 23 जोड़े हैं, ये छोटे होने लगते हैं, जबकि बढ़ती उम्र को रोकने के लिए टेलोमेरेस को लंबा करना होता है। समय बीतने के साथ-साथ टेलोमेरेस कमजोर होते हैं और क्षतिग्रस्त होते जाते हैं। ऐसा तब और तेजी से होता है जब इंसान धूम्रपान, शराब और वायु प्रदूषण का शिकार होता है। इससे टेलोमेरेस की लंबाई कम होती है और इससे इंसान तेजी से बूढ़ा होता जाता है।
कोरडैरो और वुड का मानना है कि दस वर्षों में कैंसर जैसी बीमारियां ठीक होने लगेंगी। इंजीनियरों ने बताया कि हालांकि सामान्य तौर पर लोग इसके बारे में नहीं जानते, लेकिन 1951 में इसकी खोज की गई थी कि कैसे कैंसर सेल्स अमर होती हैं। जब हेनरिकेटा लैक्स की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर से हुई, सर्जनों ने ट्यूमर को हटा दिया और उसे रखा और यह आज भी जिंदा है। जापान और कोरिया जैसे देशों में अगर बच्चे ना पैदा करने का मौजूदा चलन रहा तो ये देश 200 साल में विलुप्त हो जाएंगे। कोरडैरो ने कहा कि 200 साल बाद धरती पर कोई भी जापानी और कोरियाई समुदाय नहीं होगा। लेकिन इन नई तकनीकों का बहुत धन्यवाद, वास्तव में जापानी और कोरियाई लोग हमेशा रहेंगे और जवान बने रहेंगे। 

स्मार्टफोन जितनी लागत
जेनेटिक वैज्ञानिकों ने कहा कि एंटी एजिंग के इलाज की लागत उतनी ही होगी, जितनी मौजूदा समय में किसी नए स्मार्टफोन की है। शुरुआत में यह जरूर महंगी होगी लेकिन एक समय के बाद इसकी लागत में कमी आएगी क्योंकि इससे सभी लोगों को फायदा मिलेगा। कोरडैरो ने कहा कि जब किसी तकनीकी का आविष्कार होता है तो वह महंगी होती है लेकिन समय के साथ लोकतांत्रिक और मुख्यधारा में आने के बाद सस्ती हो जाती है। इन दोनों इंजीनियरों ने बताया कि वो गैरकानूनी तरीके से दो साल पहले से इस तकनीकी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इनकी पहली मरीज एलिजाबेथ पैरिस हैं, जिन्होंने उम्र बढ़ने के लक्षणों को महसूस करना शुरू किया और कहा कि इसे रोकने के लिए क्या इलाज किया जा सकता है। वुड ने बताया कि उनका इलाज काफी जोखिम भरा और गैरकानूनी था, लेकिन अभी उस इलाज का कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखाई दिया है और उनके खून में टेलोमेरेस का स्तर पहले की तुलना में आज 20 साल पूर्व की स्थिति में है।
वुड ने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा- श्मैं चाहता हूं कि स्पेन ऐसी तकनीकों का स्थान बने और साबित करे कि हम पागल नहीं है। बस इतनी सी बात है कि लोग अभी इसके बारे में ज्यादा जानते नहीं है।श् दोनों वैज्ञानिकों की पुस्तक श्द डेथ ऑफ डेथश् चार भाषाओं में प्रकाशित की जाएगी, जिसमें स्पेनिश, इंग्लिश, पुर्तगाली और कोरियन शामिल हैं। इसकी बिक्री से होने वाली कमाई को भी इसी रिसर्च में लगाया जाएगा। 

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox