नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना महामारी में दिल्ली से प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को लेकर द्वारका के सैक्टर-2 में डीटीसी डिपों में चल रहे प्रवासी मजदूर कैंप में सिविल डिफेंस के जवान अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। जिसकी स्वयं जिला दक्षिण-पश्चिम के उपायुक्त राहुल सिंह ने भी तारीफ की है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सिविल डिफेंस के पोस्ट वार्डन मनजीत कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी में लाॅक डाउन के तहत सिविल डिफेंस के करीब 70 जवान डीटीसी डिपों में अपनी सेवायें दे रहे है। यह सभी को पता है कि कोरोना बिमारी कितनी घातक है फिर भी अपनी जान की परवाह किये बिना सिविल डिफेंस के जवान प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को सुनिश्चित करने व उनकी सुरक्षित विदाई के लिए हर संभव प्रयास कर रहे है। उन्होने बताया कि जब से गर्मी बढ़ है तब से प्रवासी मजदूरों को सैक्टर-2 मे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन सिविल डिफेन्स के अधिकारियों ने यह बात उपायुक्त राहुल सिंह तक पंहचाई और उनका दौरा सुनिश्चित कराया। जैसी ही उपायुक्त ने कैंप का दौरा किया और मजदूरों को भीषण गर्मी में धूप में खड़े देखा तभी आदेश जारी करते हुए प्रवासी कैंप को द्वारका सैक्टर-2 के स्कूल में शिफ्ट करवा दिया। जहां उनके बैठने व हवा तथा छाया का व्यापक प्रबंध कराया गया।
उन्होने बताया कि सिविल डिफेंस के जवान रोजान 1500 से 1700 प्रवासी मजदूरों की सामाजिक दूरी के साथ लाईन में लगना, माॅस्क पहनना, हाथ धोना व सेनिटाइजेशन करना, उनकी स्वास्थ्य जांच कराना तथा उन्हें बसों में बैठाकर स्टेशन तक छोड़ने का काम करते है। इस काम में ऐसे समय में जोखिम भी बहुत है मगर जवान अपनी जान की परवाह किये बिना इन सभी कामों को अंजाम देते है। यहां तक की सिविल डिफेंस के जवान रेड जोन में भी लोगों को सेवाये देते है और उनका मनोबल बढ़ाते है जिसके लिए उन्होने सरकार से मांग की कि ऐसे समय में सिविल डिफेंस के जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार को भी उन्हे अच्छी सुविधाये व उनकी सेलरी बढ़ाने की खुले दिल से घोषणा करनी चाहिए।


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