बालोर गांव में 54 एकड़ जमीन पर प्रशासन ने लिया कब्जा, मुआवजा न मिलने पर किसानों का विरोध, पेड़ों का बाग उजाड़ने का भी लगाया आरोप

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October 17, 2026

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बालोर गांव में 54 एकड़ जमीन पर प्रशासन ने लिया कब्जा, मुआवजा न मिलने पर किसानों का विरोध, पेड़ों का बाग उजाड़ने का भी लगाया आरोप

-मुआवजा न मिलने पर किसानों ने जताई नाराजगी, अधिग्रहित जमीन पर पेड़ों का बाग उजाड़ने का भी लगाया आरोप; मुआवजा बढ़ाने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/बहादुरगढ़/शिवकुमार यादव। बहादुरगढ़ की करीब 100 साल पुरानी अनाज मंडी को गांव बालोर में शिफ्ट करने की योजना के तहत शुक्रवार को प्रशासन ने 54 एकड़, 7 कनाल और 7 मरले जमीन पर कब्जा ले लिया। इस कार्रवाई के दौरान उन किसानों ने विरोध जताया, जिनका दावा है कि उन्हें अभी तक जमीन का मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने अधिग्रहित जमीन पर मौजूद पेड़ों के बाग को उजाड़ने का आरोप लगाते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर उनका मामला अदालत में विचाराधीन है और मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। ऐसे में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने और मुआवजे से जुड़े विवाद का समाधान होने से पहले जमीन पर कब्जा लेने को लेकर किसानों ने नाराजगी जताई। किसानों ने यह भी सवाल उठाया कि जमीन पर मौजूद पेड़ों और बाग को नुकसान पहुंचाने के मामले में उनकी बात कौन सुनेगा और उन्हें इसका जवाब कब मिलेगा।

2016 में शुरू हुई थी अधिग्रहण प्रक्रिया

जानकारी के अनुसार, गांव बालोर में अनाज मंडी स्थापित करने के लिए वर्ष 2016 में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। बताया जा रहा है कि अधिग्रहित जमीन के लिए करीब 76 प्रतिशत किसान मुआवजा ले चुके हैं, जबकि कुछ किसान मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

किसानों का आरोप है कि जिन लोगों ने अभी तक मुआवजा नहीं लिया है, उनकी जमीन पर पहले कब्जा लिया जा रहा है। उनका कहना है कि मुआवजे को लेकर विवाद अदालत में लंबित होने के बावजूद प्रशासन ने जमीन पर कब्जे की कार्रवाई की है।

अधिकारियों ने किसानों को समझाने का किया प्रयास

जमीन पर कब्जा लेने के दौरान किसानों ने अपनी आपत्तियां प्रशासन के सामने रखीं। विरोध को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसानों ने मुआवजे के विवाद के साथ-साथ जमीन पर मौजूद पेड़ों के बाग को उजाड़ने के आरोप का मुद्दा भी उठाया।

अनाज मंडी को बालोर में शिफ्ट करने की योजना के तहत जमीन पर कब्जे की कार्रवाई के बाद अब मुआवजे को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे किसानों की मांग और उनके आरोप अहम हो गए हैं। किसानों को मुआवजे के मामले में आगे क्या राहत मिलती है और पेड़ों के नुकसान को लेकर उनकी शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी

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