एक करोड़ की रंगदारी का नेटवर्क बेनकाब, STF ने तीन आरोपियों को दबोचा

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एक करोड़ की रंगदारी का नेटवर्क बेनकाब, STF ने तीन आरोपियों को दबोचा

-गोल्डी बराड़ गैंग से कथित तौर पर जुड़े भारत-दुबई नेटवर्क का खुलासा; कारोबारी के घर फायरिंग की साजिश नाकाम, अहमदाबाद से आरीफ और दिल्ली से मुबारिक गिरफ्तार

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/ नई दिल्ली/शिवकुमार यादव। उत्तर जिला पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गोल्डी बराड़ गैंग से कथित तौर पर जुड़े भारत-दुबई रंगदारी नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े लोगों ने यूएई नंबर से दिल्ली के दो कारोबारियों को अलग-अलग मौकों पर एक-एक करोड़ रुपये की रंगदारी के लिए धमकाया। पुलिस ने रंगदारी नहीं देने पर कारोबारी के घर पर फायरिंग की कथित साजिश को भी समय रहते नाकाम करने का दावा किया है। मामले में दुबई स्थित आरोपी और चार संदिग्ध शूटर अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर की रात करीब 8:15 बजे कारोबारी प्रवीण जैन को तीन मिस्ड कॉल आईं। इसके बाद करीब 9:27 बजे उनके बेटे आयुष को यूएई के मोबाइल नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर खुद को गोल्डी बराड़ का सहयोगी बताते हुए परिवार से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी और मांग पूरी नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। दोबारा कॉल कर रंगदारी की मांग और धमकी दोहराई गई। इस संबंध में थाना रूप नगर में 17 सितंबर को मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

तकनीकी जांच से दुबई तक पहुंची कड़ी

मामले की गंभीरता और विदेशी नंबर से आई कॉल को देखते हुए उत्तर जिला पुलिस ने STF और थाना रूप नगर की संयुक्त टीम गठित की। डीसीपी नॉर्थ निहारिका भट्ट के पर्यवेक्षण और एसीपी ऑपरेशन विशेष धत्तरवाल के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी निगरानी, डिजिटल रिकॉर्ड और खुफिया जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान कॉल से जुड़े तकनीकी ढांचे में फ्रांस स्थित एक डेटा सेंटर की आईपी एड्रेस और यूएई से जुड़े डिजिटल खातों के संकेत मिले। डिजिटल और तकनीकी सुरागों के आधार पर देहरादून और करनाल में कुछ संदिग्धों से पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि जांच में दुबई से कॉल करने वाले आरिश और उसके कथित भारतीय संपर्कों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

अहमदाबाद से आरीफ गिरफ्तार

जांच में आरीफ उर्फ पिस्टल को कथित तौर पर भारत में नेटवर्क की अहम कड़ी के रूप में चिन्हित किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरीफ ने दुबई में मौजूद आरिश को कॉल करने के लिए कथित तौर पर रकम देने की पेशकश की थी और उसे हरियाणवी में बात करने को कहा था, ताकि धमकी स्थानीय अपराधी की ओर से आई हुई लगे।

तकनीकी निगरानी के बाद आरीफ की लोकेशन अहमदाबाद में मिली। STF की टीम ने अहमदाबाद पुलिस के सहयोग से 24 सितंबर को वेजलपुर इलाके से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरीफ के खिलाफ 2016 से 2026 के बीच शामली जिले के कैराना थाने में हत्या के प्रयास, रंगदारी, आपराधिक धमकी, दंगा और आर्म्स एक्ट समेत 12 मामले दर्ज हैं।

रोहिणी के कारोबारी को भी इसी नंबर से धमकी

जांच के दौरान इसी यूएई नंबर से रोहिणी के सेक्टर-1 निवासी निर्माण कारोबारी मनोज मलिक को भी धमकी दिए जाने का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर की रात उनके छोटे भाई को उसी नंबर से दो व्हाट्सऐप कॉल आईं। इसके बाद एक ऑडियो संदेश भेजकर खुद को महेंद्रगढ़ का विक्रांत बताते हुए गोल्डी बराड़ गैंग से संबंध होने का दावा किया गया और 48 घंटे में एक करोड़ रुपये देने की मांग की गई। रकम नहीं देने पर फायरिंग की धमकी दी गई। इस मामले में थाना विजय विहार में 24 सितंबर को अलग एफआईआर दर्ज की गई।

फायरिंग की कथित साजिश समय रहते रोकी

पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान आरीफ और उसके साथियों द्वारा प्रवीण जैन के घर पर कई राउंड फायरिंग करने की कथित योजना का भी पता चला। योजना के अनुसार रंगदारी नहीं देने पर वारदात को अंजाम देकर दोबारा धमकी देने की तैयारी थी। पुलिस ने समय रहते कारोबारी के घर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाकर कथित हमले को रोकने का दावा किया है।

शूटरों के लिए किराये पर कमरा लेने का आरोप

जांच में मुबारिक उर्फ गुल्लू को कथित तौर पर मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चिन्हित किया गया। पुलिस के अनुसार, मुबारिक ने पूरी साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आरीफ को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई और दिल्ली के किराड़ी इलाके में कथित शूटरों के ठहरने के लिए कमरा किराये पर लिया तथा उसका किराया भी दिया। उसे 25 सितंबर को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के मुताबिक, चार संदिग्ध शूटरों को वारदात को अंजाम देने के लिए कथित तौर पर लगाया गया था। इनमें दो पानीपत और दो खालापार, मुजफ्फरनगर के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

चलती ट्रेन से नवाब अली गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में वांछित संदिग्ध शूटर नवाब अली उर्फ सोनिज को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मुजफ्फरनगर के खालापार निवासी नवाब अली को 1 अक्टूबर को रेवाड़ी स्टेशन के पास चलती ट्रेन से पकड़ लिया गया। वह कथित तौर पर पुलिस से बचकर भागने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान RPF की समय पर मिली सहायता से उसे गिरफ्तार किया गया।

दुबई कनेक्शन की जांच जारी

पुलिस अब कथित दुबई स्थित संचालक, भारतीय सहयोगियों और अन्य संदिग्ध शूटरों के बीच संपर्क की पूरी कड़ी खंगाल रही है। जांच एजेंसियां संचार रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और कथित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इसी नेटवर्क का संबंध दिल्ली में रंगदारी की अन्य घटनाओं से तो नहीं है।

पुलिस के अनुसार, एक ही यूएई नंबर से दो अलग-अलग दिल्ली कारोबारियों को एक समान एक करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग किया जाना जांच में महत्वपूर्ण कड़ी है। मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित भारत-दुबई नेटवर्क की पूरी संरचना का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

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