महाराष्ट्र में सियासी तूफान: वायरल तस्वीरों के बाद महिला आयोग अध्यक्ष ने छोड़ा पद

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September 9, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-तस्वीरों के सामने आते ही बढ़ा विवाद

महाराष्ट्र/उमा सक्सेना/- महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर की कुछ कथित तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। इन तस्वीरों में वह एक ऐसे व्यक्ति के साथ नजर आईं, जिस पर महिलाओं के शोषण और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगे हुए हैं। तस्वीरों के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई और विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया।

सीएमओ के रुख के बाद इस्तीफा
विवाद बढ़ने के साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया। सूत्रों के अनुसार, सरकार की ओर से सख्त संकेत मिलने के बाद रूपाली चाकणकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर नैतिकता और जवाबदेही के सवाल खड़े किए, जिसके बाद यह बड़ा फैसला सामने आया।

आरोपी पर गंभीर आरोप, जांच में बड़े खुलासे
इस मामले में जिस व्यक्ति का नाम सामने आया है, वह है अशोक खरात, जिसे खुद को तांत्रिक बताने वाला बताया जा रहा है। पुलिस जांच में उसके खिलाफ कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि वह धार्मिक गतिविधियों की आड़ में महिलाओं का शोषण करता था। जांच एजेंसियों को उसके पास से कई आपत्तिजनक वीडियो क्लिप्स मिलने की बात कही जा रही है। इसके अलावा उसके पास भारी मात्रा में बेनामी संपत्ति होने के संकेत भी मिले हैं, जिससे उसके प्रभाव और नेटवर्क पर सवाल खड़े हो गए हैं।

धार्मिक आस्था की आड़ में खेल?
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का एक मंदिर ट्रस्ट से जुड़ाव था, जहां प्रभावशाली लोगों की पहुंच बताई जा रही है। इस पूरे मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कैसे कुछ लोग आस्था और धर्म का सहारा लेकर समाज में अपनी पकड़ मजबूत कर लेते हैं और फिर उसका गलत इस्तेमाल करते हैं।

राजनीति और समाज में उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। लोगों का कहना है कि जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ही विवादों में घिर जाएं, तो आम जनता का भरोसा कमजोर होता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि सच्चाई सामने आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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