
नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब पर छिड़े घमासान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष में रार मची हुई है। 11 फरवरी को एक बार फिर राहुल गांधी ने संसद में अपनी बात रखी लेकिन, इस बार उन्होंने लद्दाख के मुद्दे को नहीं छेड़ा बल्कि, वह अमेरिका से हुई ट्रेड डील को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा।
इसी बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रस्ताव पेश करने का दावा किया था। हालांकि, अब केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नहीं लाया जाएगा। भाजपा सासंद संजय जायसवाल ने राहुल के भाषण से विवादित हिस्से को हटाने की मांग की है।
क्या बोले निशिकांत दुबे
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है लेकिन, राहुल गांधी को संसद की सदस्यता रद्द करने के लिए जरूरी मोशन पेश किया गया है। निशिकांत दुबे ने यहां तक कहा था कि राहुल गांधी के चुनाव लड़ने पर रोक लगनी चाहिए। वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने पीएम मोदी से मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने सदन में पैदा हुए गतिरोध की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी को दी है।
अमेरिकी ट्रेड डील को लेकर प्रदर्शन
वहीं, विपक्षी सांसद ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर गुरुवार यानी 11 फरवरी को लोकसभा में हंगामा किया। जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई और लोकसभा की कार्यवाही सात मिनट के भीतर स्थगित कर दी गई। बता दें कि बैठक आरंभ होने पर पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी दौरान विपक्षी सांसद अमेरिकी ट्रेड डील को लेकर नारेबाजी करने लगे और आसन तक पहुंच गए। जिसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।





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