“सोफे की जगह गोबर और AC की जगह चारा! लखनऊ में घर के अंदर चल रही अवैध डेयरी पर चला नगर निगम का डंडा”

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October 19, 2026

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“सोफे की जगह गोबर और AC की जगह चारा! लखनऊ में घर के अंदर चल रही अवैध डेयरी पर चला नगर निगम का डंडा”

-लखनऊ के एक घर में नगर निगम का छापा -शहरी क्षेत्र में भैंस पालन प्रतिबंधित -11 भैंस, 3 गाय और 4 पड़िया जब्त

उत्तर प्रदेश/सिमरन मोरया/-  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नगर निगम टीम को अवैध डेयरी संचालन का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। राजधानी के बिजनौर क्षेत्र के रॉयल सिटी कॉलोनी गडौरा में नगर निगम की कार्रवाई के दौरान एक मकान के ड्राइंग रूम और बेडरूम से भैंस और अन्य पशु बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।

नगर निगम जोन-8 की टीम द्वारा अवैध रूप से संचालित डेयरियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। जैसे ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची, डेयरी संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। कार्रवाई से बचने के लिए एक संचालक ने भैंस, गाय और अन्य पशुओं को घर के अंदर कमरों में बंद कर ताला लगा दिया।

कमरों में बंद थे जानवर
नगर निगम की टीम ने जब मकान की जांच की तो ड्राइंग रूम और बेडरूम में भैंस और गाय बंधी मिलीं। कार्रवाई के दौरान स्थानीय डेयरी संचालकों और उनके समर्थकों ने नगर निगम की टीम का विरोध किया और निगम के वाहनों को घेर लिया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद कार्रवाई पूरी की जा सकी।

11 भैंस, 3 गाय और 4 पड़िया जब्त
नगर निगम की टीम ने कुल 11 भैंस, 4 पड़िया, 3 गाय और 1 बछिया को जब्त कर ऐशबाग स्थित कांजी हाउस भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित जुर्माना जमा करने के बाद ही इन पशुओं को छोड़ा जाएगा। नगर निगम के अनुसार, यह कार्रवाई स्थानीय नागरिकों की लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई थी। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि अवैध डेयरी संचालक गोबर को खुले प्लॉटों में फेंक रहे हैं, जिससे गंदगी, जलभराव और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

शहरी क्षेत्र में भैंस पालन प्रतिबंधित
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत शहरी क्षेत्र में भैंस पालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। भैंस को अपदूषण कारक पशु की श्रेणी में रखा गया है। नियमों के अनुसार, शहरी सीमा में केवल अधिकतम दो गायों को ही वैध लाइसेंस के साथ पालने की अनुमति है।

पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने कहा कि अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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