मुंबई मेयर पद पर सियासी घमासान, होटल पॉलिटिक्स पर संजय राउत का तीखा हमला

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September 10, 2026

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-मेयर की कुर्सी को लेकर बढ़ा सस्पेंस -शिवसेना यूबीटी का आक्रामक रुख

मुंबई/उमा सक्सेना/-     मुंबई महानगरपालिका के मेयर पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान देकर राजनीतिक हलचल और तेज कर दी है। राउत ने दावा किया है कि सिर्फ शिवसेना यूबीटी ही नहीं, बल्कि खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मुंबई में भारतीय जनता पार्टी का मेयर नहीं चाहते। इस बयान के बाद बीएमसी की सत्ता को लेकर सस्पेंस और गहरा गया है।

होटल में पार्षदों को रखने पर उठे सवाल
मीडिया से बातचीत में संजय राउत ने एकनाथ शिंदे गुट पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पार्षदों को होटल में ठहराना दरअसल उन्हें ‘नजरबंद’ करने जैसा है। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया। राउत के मुताबिक, पार्षदों को डर दिखाया जा रहा है कि उन्हें तोड़ा जा सकता है या उनका अपहरण हो सकता है, इसी आशंका के चलते उन्हें ताज होटल में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।

पार्षदों को तुरंत आज़ाद करने की मांग
शिवसेना यूबीटी नेता ने साफ शब्दों में कहा कि शिंदे गुट के पास चाहे 25 पार्षद हों या 29, उन्हें बिना देरी किए स्वतंत्र रूप से फैसले लेने का अधिकार दिया जाना चाहिए। राउत ने मांग की कि सभी पार्षदों को होटल से बाहर आने दिया जाए और उन पर किसी तरह का दबाव न बनाया जाए।

‘ताज होटल जाएंगे, चाहे हंगामा हो’
राजनीतिक माहौल को और गरमाते हुए संजय राउत ने कहा कि वह और उनके सहयोगी पार्षदों से मिलने ताज होटल जा सकते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वहां जाने से कोई विवाद पैदा हो सकता है, इसके बावजूद वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। इस बयान को शिवसेना यूबीटी की आक्रामक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

शिंदे गुट के पार्षद हमारे संपर्क में: राउत
संजय राउत ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के गुट के कई पार्षद शिवसेना यूबीटी के संपर्क में हैं और वे भाजपा के मेयर के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “कौन चाहता है कि मुंबई में भाजपा का मेयर बने?” राउत ने यह भी जोड़ा कि खुद एकनाथ शिंदे भी अंदरखाने भाजपा को यह पद देने के पक्ष में नहीं हैं।

बयान से बढ़ा राजनीतिक तापमान
गौरतलब है कि चुनाव परिणामों के बाद शिंदे गुट ने भाजपा के सामने ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला रखकर मेयर पद की मांग की है। हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसी भी तरह के विवाद से इनकार किया है, लेकिन शिवसेना यूबीटी लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इससे पहले उद्धव ठाकरे ने भी संकेत दिए थे कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो मुंबई का मेयर शिवसेना यूबीटी का ही होगा।

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