मुंबई मेयर पद पर सियासी घमासान, होटल पॉलिटिक्स पर संजय राउत का तीखा हमला

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 3, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-मेयर की कुर्सी को लेकर बढ़ा सस्पेंस -शिवसेना यूबीटी का आक्रामक रुख

मुंबई/उमा सक्सेना/-     मुंबई महानगरपालिका के मेयर पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान देकर राजनीतिक हलचल और तेज कर दी है। राउत ने दावा किया है कि सिर्फ शिवसेना यूबीटी ही नहीं, बल्कि खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मुंबई में भारतीय जनता पार्टी का मेयर नहीं चाहते। इस बयान के बाद बीएमसी की सत्ता को लेकर सस्पेंस और गहरा गया है।

होटल में पार्षदों को रखने पर उठे सवाल
मीडिया से बातचीत में संजय राउत ने एकनाथ शिंदे गुट पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पार्षदों को होटल में ठहराना दरअसल उन्हें ‘नजरबंद’ करने जैसा है। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया। राउत के मुताबिक, पार्षदों को डर दिखाया जा रहा है कि उन्हें तोड़ा जा सकता है या उनका अपहरण हो सकता है, इसी आशंका के चलते उन्हें ताज होटल में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।

पार्षदों को तुरंत आज़ाद करने की मांग
शिवसेना यूबीटी नेता ने साफ शब्दों में कहा कि शिंदे गुट के पास चाहे 25 पार्षद हों या 29, उन्हें बिना देरी किए स्वतंत्र रूप से फैसले लेने का अधिकार दिया जाना चाहिए। राउत ने मांग की कि सभी पार्षदों को होटल से बाहर आने दिया जाए और उन पर किसी तरह का दबाव न बनाया जाए।

‘ताज होटल जाएंगे, चाहे हंगामा हो’
राजनीतिक माहौल को और गरमाते हुए संजय राउत ने कहा कि वह और उनके सहयोगी पार्षदों से मिलने ताज होटल जा सकते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वहां जाने से कोई विवाद पैदा हो सकता है, इसके बावजूद वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। इस बयान को शिवसेना यूबीटी की आक्रामक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

शिंदे गुट के पार्षद हमारे संपर्क में: राउत
संजय राउत ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के गुट के कई पार्षद शिवसेना यूबीटी के संपर्क में हैं और वे भाजपा के मेयर के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “कौन चाहता है कि मुंबई में भाजपा का मेयर बने?” राउत ने यह भी जोड़ा कि खुद एकनाथ शिंदे भी अंदरखाने भाजपा को यह पद देने के पक्ष में नहीं हैं।

बयान से बढ़ा राजनीतिक तापमान
गौरतलब है कि चुनाव परिणामों के बाद शिंदे गुट ने भाजपा के सामने ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला रखकर मेयर पद की मांग की है। हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसी भी तरह के विवाद से इनकार किया है, लेकिन शिवसेना यूबीटी लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इससे पहले उद्धव ठाकरे ने भी संकेत दिए थे कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो मुंबई का मेयर शिवसेना यूबीटी का ही होगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox