सतर्कता व सावधानी ने किया टिड्डी दल के हमले को विफल

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

सतर्कता व सावधानी ने किया टिड्डी दल के हमले को विफल

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- एक तरफ कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रही राष्ट्रीय राजधानी के ऊपर अब एक और संकट मंडराने लगा है। हरियाणा के गुरुग्राम में टिड्डी दल के हमले के बाद अब दिल्ली में भी टिड्डियों के हमले का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि आज सुबह दिल्ली में टिड्डी दल के आने के कुछ वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए थे लेकिन गुरूग्राम से सटे दिल्ली के जिला दक्षिण-पश्चिमें में प्रशासन की सतर्कता व सावधानी ने टिड्डी हमले को न केवल विफल कर दिया बल्कि उन्हे अपना रास्ता बदलने को भी मजबूर कर दिया। हालांकि अभी भी प्रशासन किसानों के साथ गांवों में पूरी तरह से अलर्ट मोड पर बना हुआ है और किसी भी परिस्थिति से निपटने को तैयार है।
इस संबंध में जिला दक्षिण-पश्चिम डीएम राहुल सिंह ने बताया कि टिड्डी दल के हमले को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट है। करीब 10 दिन पहले ही दिल्ली साउथ वेस्ट जिले के करीब 70 गांवों के किसानों को इससे बचाव के लिए ट्रेनिंग दी जा चुकी है। डीएम ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र उजवा की मदद से किसानों को टिड्डी दल से बचाव की ट्रेनिंग दी गई है। आज भी केविके उजवा के वैज्ञानिक व विशेषज्ञ पूरी तरह से किसानों के साथ बने हुए है और खेतों में किसानों ने पूरी तैयारी कर रखी है साथ ही गांवों घरों की छतो पर भी महिलाऐं तक भी अपने बर्तनों के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। उन्होने बताया कि सुबह टिड्डी दल ने दिल्ली का रूख करते हुए जिला दक्षिण-पश्चिम में घुसने की कोशिश की थी लेकिन प्रशासन की सजगता व किसानों की चैकसी ने उन्हे अपना रास्ता बदलने पर मजबूर कर दिया और टिड्डी दल फरीदाबाद की तरफ रूख कर गया। लेकिन अभी भी खतरा टला नही है जिसके लिए प्रशासन पूरी तरह से मोर्चा संभाले हुए है।
यहां बता दे कि राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा के बाद अब पश्चिमी महाराष्ट्र और मध्य भारत के कई हिस्सों में रेगिस्तानी टिड्डों के कारण बड़े पैमाने पर फसलें नष्ट हो रही हैं. केंद्र सरकार ने प्रतिक्रिया को समन्वित करने के लिए 11 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox