मानसी शर्मा /- झारखंड में 13 नवंबर को पहले चरण का मतदान होना है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार में पूरा दम झोंक दिया है। भारतीय जनता पार्टी लगातार घुसपैठियों के मुद्दे को उठा रहा है। इस बीच झारखंड के पूर्व सीएम और भाजपा प्रत्याशी चंपई सोरेन की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि चुनाव के बाद आदिवासियों की जमीन वापस लेने के लिए बड़ी अदालतें बुलाएंगे, चाहे केंद्र या राज्य सरकार साथ दे या ना। गौरतलब है कि भाजपा चुनाव में “रोटी, बेटी और माटी”का नारा दिया है। साथ ही भाजपा के सभी दिग्गज नेताओं के द्वारा रोहिंगिया और बांग्लादेशी घुसपैठ को हर मंचों से बोल रहा है।
क्या कहा चंपई सोरेन ने?
चंपई सोरेन ने कहा कि चार साल हमें घुसपैठ का पता चला था। उस समय हमारे विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने आदिवासी महिलाओं को काटे जाने का मामला विधानसभा में उठाया था। इसके आगे उन्होंने कहा, “बतौर मंत्री मेरे पास शक्तियां सीमित थीं। जब मैं सीएम बना तो प्रशासन को इस बारे में डेटा इकट्ठा करने कहा था।“चंपई सोरेन ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही आदिवासी ग्राम सभांए बुलाई जाएंगी और बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा हड़पी जमीनों को वापस लेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि जामताड़ा जैसे इलाके अपराध का केंद्र बन चुका है। गौरतलब है कि चंपई सोरेन सरायकेला से भाजपा उम्मीदवारे के रुप में चुनावी मैदान में हैं। वो लंबे समय से इस क्षेत्र से विधायक चुन कर आ रहे हैं।
रोटी, बेटी और माटी का नारा
भाजपा इस चुनाव में रोटी, बेटी और माटी को मुद्दा बनाने में लगी है। भाजपा नेताओं के अनुसार, झारखंड में आदिवासियों की संख्या में कमी हुई है। तो मुस्लिम जनसंख्या में वृद्धि दर्ज हुई है। इसके साथ ही ईसाइकरण भी आदिवासियों को तेजी से हो रहा है। इन तमाम मुद्दों को भाजपा काफी आक्रामक रुप में उठा रही है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे के सहारे सोरेन सरकार पर करारा हमला बोला है।


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