बेबी केयर सेंटर के मालिक नवीन को किया गिरफ्तार

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 6, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

बेबी केयर सेंटर के मालिक नवीन को किया गिरफ्तार

- नवजात बच्चे को पीटने का लगा आरोप -31 मार्च को ही खत्म हो गया था अस्पताल का लाइसेंस

नई दिल्ली/अनिशा चौहान/- देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार रात दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था। इसमें विवेक विहार के बेबी केयर न्यू बॉर्न अस्पताल में आग लगने से 7 बच्चों की मौत हो गई। आग के बाद जांच में रविवार शाम कई खामियों का खुलासा हुआ। इन में से एक खुलासा यह भी है कि जिस अस्पताल में शनिवार को आग लगी थी, वहां की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।

नर्स के खिलाफ इस आधार पर लगाए गए आरोप

बता दें कि इस हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार के दिन गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। इस मामले में उन पर आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।उस मामले को लेकर उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है। बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।

31 मार्च को ही खत्म हो गया था अस्पताल का लाइसेंस

गौरतलब है कि पुलिस की जांच में एक और बात का खुलासा हुआ है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था। बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे। अब आग लगने की घटना कि बात करें तो ये आग 11.30 बजे विवेक विहार पुलिस में लगी थी। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची थी। साथ ही फायर विभाग की भी गाड़ियां घटनास्थल पर आई, जिसके बाद आग पर काबू पाया गया था। इस आग से करीब 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से बाहर निकाल लिया गया। वहीं अस्पताल में इलाज के दौरान 7 शिशुओं को मृत घोषित कर दिया गया था।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox