I AM LOSER…WORST DAUGHTER EVER, कोटा में JEE छात्रा ने किया सुसाइड

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 23, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

I AM LOSER…WORST DAUGHTER EVER, कोटा में JEE छात्रा ने किया सुसाइड

मानसी शर्मा / –  I Am Loser…Worst Daughter Everइन शब्दों को पढ़कर किसी भी माता-पिता का दिल दहल जाएगा। बता दें कि, राजस्थान के कोटा में JEEकी तैयारी कर रही एक 18 साल की छात्रा ने आत्महत्या कर ली है। जिस छात्रा ने आत्महत्या की, उसका 2 दिन बाद ही JEEमेन्स का एग्जाम था। छात्रा के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें उसने परीक्षा के दबाव का जिक्र किया है।

आपको बता दें कि, आत्महत्या करने से पहले छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा है, मम्मी-पापा, मैं JEE नहीं कर सकती, इसलिए आत्महत्या कर रही हूं, इसकी वजह मैं हूं, मैं सबसे बुरी बेटी हूं, Sorry मम्मी-पापा, ये मेरा आखिरी विकल्पहै। छात्रा का 31जनवरी को एग्जाम था। जानकारी के मुताबिक कोचिंग का कोर्स खत्म होने के बाद वो घर से ही परीक्षा की तैयारी कर रही थी।

पिछले साल 30 छात्रों ने की थी आत्महत्या

कोटा में पिछले साल (2023) में परीक्षा और उसमें प्रदर्शन के दबाव के कारण 30 छात्रों ने अपनी जान दे दी थी। इस साल आत्महत्या की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 24 जनवरी 2024 को एक NEETछात्र ने परीक्षा के डर से आत्महत्या कर ली थी।ऐसी खबरें सुनकर हर किसी को दुख होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसे छात्रों की मानसिक स्थिति क्या होती होगी? ऐसा कौन सा दबाव होता है जो उन्हें ये कदम उठाने पर मजबूर कर देता है? आइए जानते हैं…

महत्वाकांक्षाओं का बोझ न लादें

हमारी नई पीढ़ी सिर्फ बुजुर्गों के सपनों को पूरा करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक जीता-जागता इंसान है। अक्सर माता-पिता न चाहते हुए भी अपनी महत्वाकांक्षाओं का बोझ अपने बच्चों पर थोप देते हैं। चाहे करियर बनाने की बात हो या विषय चुनने की, इसे पहचानना और उनका समर्थन करना हर माता-पिता का कर्तव्य है।

बच्चे की रुचि जानें, संवेदनशील रहें

कोचिंग हब के रूप में मशहूर राजस्थान के कोटा शहर में इस साल अब तक 32 बच्चे जिंदगी से मुंह मोड़ चुके हैं. रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर मामले परीक्षा में फेल होने के कारण ही हुए। अक्सर माता-पिता अपनी असफलताओं को देखकर अपने बच्चों को खुद से अपना करियर बनाने की इजाजत नहीं देते और ऐसे में उन पर अनचाहा दबाव आता है। माता-पिता को यह समझना होगा, बच्चे की रुचि जाननी होगी, संवेदनशील होना होगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox