द्वारका में मुठभेड़ के बाद गोगी गिरोह का शूटर गिरफ्तार, रंगदारी मामले में थी तलाश

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द्वारका में मुठभेड़ के बाद गोगी गिरोह का शूटर गिरफ्तार, रंगदारी मामले में थी तलाश

-आरोपी से मुठभेड़ में दो पिस्तौल और 17 कारतूस बरामद

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने फायरिंग करने के मामले में वांछित गोगी गिरोह के शूटर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी शूटर कुलवंत दलाल ने रंगदारी नहीं देने पर लाडपुर, रोहिणी स्थित व्यवसायी के घर पर फायरिंग की थी और पर्चियां फेंकी थीं। इसके पास से दो अत्याधुनिक पिस्तौल और 17 कारतूस बरामद बरामद किए गए हैं।

एक करोड़ी की मांगी थी रंगदारी, घर पर की थी फायरिंग
स्पेशल सीपी रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए शूटर की पहचान कुलवंत दलाल के रूप में हुई है। वह हरियाणा के झज्जर का रहने वाला है। यह 2 साल पहले कुलदीप की जरिए गोगी गैंग के संपर्क में आया था और उसके बाद से यह सक्रिय हो गया। यह दिल्ली और हरियाणा के मामलों में शामिल रहा है। लाडपुर, रोहिणी निवासी रेस्टोरेंट और होटल व्यवसायी राहुल डबास ने पुलिस को 24 अक्तूबर को शिकायत दी थी कि 23 अक्तूबर को कुछ बदमाशों ने ग्राम लाडपुर, दिल्ली स्थित उसके घर के मुख्य द्वार पर फायरिंग की है। घर के मुख्य गेट के पास दो खोखा और तीन चिट मिलीं। इन पर्चियों में गोगी गैंग के सदस्य दीपक उर्फ तितर और दिनेश कराला द्वारा एक करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की गई। साथ ही धमकी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो अगली बार उसके परिवार के किसी सदस्य के सीने में गोली मार दी जायेगी। इस मामले में कंझावला थाने की पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया था और पुलिस टीम छानबीन कर कर रही थी।

आरोपी की मिली थी सूचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में क्राइम ब्रांच के इंटर स्टेट सेल की टीम एसीपी रमेश चंद्र लंबा की देखरेख में इंस्पेक्टर मनमीत मलिक, एसआई जयकुमार, राजीव, विकास सोलंकी, हेड कांस्टेबल बिजेंदर हरेंद्र और कांस्टेबल आशीष मलिक को जांच में लगाया गया। जांच के दौरान हवलदार बिजेंद्र को सूचना मिली थी जबरन वसूली के मामले में शामिल आरोपी अपने साथियों से मिलने के लिए सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन, द्वारका, दिल्ली के पास आएगा। पुलिस ने रेलवे अंडरपास सेक्टर-21, भरथल रोड, द्वारका में घेराबंदी की। पुलिस के कहने के बावजूद आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय मोटरसाइकिल सर्विस रोड से भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया लेकिन इसने सरेंडर करने की बजाय पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। एक गोली एएसआई विकास सोलंकी को लगी लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट की वजह से वह बाल-बाल बच गया। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए चार राउंड फायरिंग की, जिसमें उपरोक्त अभियुक्त को एक गोली उसके बाएं पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। उसके बाद उसे काबू कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी की पहचान कुलवंत दलाल निवासी ग्राम छारा, थाना असौदा, जिला झज्जर, हरियाणा के रूप मे की है।

गोगी गैंग के लिए काम करता था
आरोपी कुलवंत दलाल ने खुलासा किया कि वह गोगी गैंग का शूटर है और अब दीपक उर्फ तीतर और दिनेश कराला नाम के गिरोह के सदस्यों के लिए काम करता है। वर्ष 2021 में वह दिल्ली के जीटीबी एन्क्लेव में पुलिस हिरासत से कुलदीप उर्फ फज्जा के फरार होने के मामले में भी शामिल था। 18 अक्तूबर को वह अपने साथी मोहित भदानी से मिलने के लिए रोहतक कोर्ट में गया।वहां उसकी मुलाकात दीपक उर्फ तीतर से हुई, जिसने उसे निर्देश दिया और दिल्ली के व्यापारियों से रंगदारी मांगने के लिए तीन चिटें दीं। गैंगस्टर दिनेश कराला के निर्देशानुसार, वह हेलीपैड रोहिणी, दिल्ली के पास अपने एक सहयोगी से मिला, जिसने उसे जबरन वसूली की धमकी देने के लिए एक मोबाइल फोन, दो पिस्तौल और 25 कारतूस उपलब्ध कराए। उसने उसके साथ मिलकर दिल्ली के पीएस बेगमपुर इलाके से एक मोटरसाइकिल भी लूटी थी, जिसका इस्तेमाल अपराध करने में किया गया था।

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