
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के दो महीने बाद रूस ने हेग स्थित अदालत में बदले की कार्यवाही करते हुए ब्रिटिश अभियोजक करीम खान को अपनी वांछित सूची में डाल दिया है।
बता दें इस साल मार्च में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) ने यूक्रेन के नाबालिगों को रूस भेजने की कथित साजिश के सिलसिले में पुतिन और रूसी अधिकारी मारिया अलेक्सेयेवना लवोवा-बेलोवा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। आईसीसी ने एक साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध के दौरान यूक्रेन में रूसी सेना द्वारा किए गए युद्ध अपराधों के लिए पुतिन को जिम्मेदार ठहराया। जाहिर तौर पर, खान की तस्वीर और व्यक्तिगत विवरण रूसी आंतरिक मंत्रालय के डेटाबेस में दिखाई दे रहे थे, जहां उन्हें अपराध के आरोपों में वांछित के रूप में लेबल किया गया था।

रूस ने मार्च में खान और आईसीसी के तीन न्यायाधीशों के खिलाफ इस आधार पर आपराधिक कार्यवाही शुरू की कि उन्होंने रूसी कानून के तहत अपराध के संकेत किए हैं। पोलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें खान के उदाहरण में जानबूझकर एक निर्दोष व्यक्ति पर अपराध का आरोप लगाना और न्यायाधीशों के मामलों में जानबूझकर गलत कारावास शामिल है। मार्च में, हेग स्थित अदालत ने एक बयान में कहा कि पुतिन जनसंख्या के अवैध निर्वासन के युद्ध अपराध और यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों से रूसी संघ में आबादी के अवैध हस्तांतरण के लिए कथित रूप से जिम्मेदार हैं। अल जजीरा के अनुसार, इसी तरह के आरोपों पर रूसी संघ के राष्ट्रपति के कार्यालय में बच्चों के अधिकारों के लिए आयुक्त मारिया अलेक्सेयेवना लावोवा-बेलोवा की गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया। संयुक्त राष्ट्र नरसंहार सम्मेलन “समूह के बच्चों को दूसरे समूह में जबरन स्थानांतरित करने“ को पांच कृत्यों में से एक के रूप में परिभाषित करता है जिसे नरसंहार के रूप में मुकदमा चलाया जा सकता है।
कजान फोरम में तालिबान की मौजूदगी का मतलब मॉस्को से मान्यता नहीं
कजान फोरम’ का आयोजन तातारस्तान के रूसी गणराज्य की राजधानी कजान में किया गया था। दूत ने कहा कि तालिबान प्रतिनिधिमंडल, जिसे रूस में प्रवेश करने से रोक दिया गया था, काज़ान फोरम में उन प्रतिभागियों द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया था जिन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा मंजूरी नहीं दी गई थी।





More Stories
22 अफसरों पर तत्काल गाज, अपर आयुक्त आबकारी मामले में शासन के हाथ क्यों बंधे?
आरटीआई पर लापरवाही पड़ी भारी, दंडात्मक कार्रवाई से बचने नियमों को समझें अधिकारी
प्राचीन श्री रामलीला हल्द्वानी: शबरी देखी राम गृह आए। मुनि के बचन समुझि जिय भाए”
राहुल गांधी का मानसिक संतुलन खराब हो गया है, देश से मांफी मांगें : अजय भट्ट, सांसद
ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत, दंपती और तीन बच्चों की गई जान; जांच शुरू
रूस से तेल-गैस खरीदने पर नहीं लगेगा कोई टैरिफ, ट्रंप ने भारत समेत पांच देशों को दी राहत