ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिले को लेकर पब्लिक स्कूलों की मनमानी रूके- पंचायत संघ

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिले को लेकर पब्लिक स्कूलों की मनमानी रूके- पंचायत संघ

-दाखिलों को लेकर अभिभावक परेशान, पंचायत संघ ने मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल से की कार्यवाही की अपील

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली पंचायत संघ ने राजधानी स्थित समस्त पब्लिक स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया की ओर उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया है। पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव ने उनसे ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में दाखिले की प्रक्रिया की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि डब्ल्यूएस कैटेगरी में दाखिला करने में भारी गड़बड़ी हुई।

               थान सिंह यादव ने कहा कि पब्लिक स्कूलों के एक किलोमीटर पर रहने वाले बच्चों का दाखिला नहीं होता है, जबकि तीन से पांच किलोमीटर के बच्चों को दाखिला दिया जा रहा है, ओर जिनके दो बच्चे हैं उनका दाखिला अलग-अलग स्कूलों में होता है। इस मामलों में अभिभावकों को आपत्ति है, मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनरल कैटेगरी के बच्चों को लेकर भी पब्लिक स्कूलों की मनमानी बढ़ी हुई है। पब्लिक स्कूल जिस क्षेत्र में होता है वहां के बच्चों को भी दाखिला नहीं दिया जा रहा है और दूर रहने वाले बच्चों को दाखिला दिया जा रहा है।
                थान सिंह यादव ने कहा कि ईडब्ल्यूएस व जनरल कैटेगरी के बच्चों का पहले एक से दो किलोमीटर होता था, ताकि बच्चे पैदल भी स्कूल जा सके और वाहनों का उपयोग नहीं नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र या गांव की जमीन पर पब्लिक स्कूल बना हुआ, वहां के सभी बच्चों का दाखिल होना चाहिए और दाखिले की प्रक्रिया को सार्वजनिक होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जिस गांव व क्षेत्र की जमीन पर बने पब्लिक स्कूलों में उस क्षेत्र के बच्चों का दाखिला नहीं किए जाने की स्थिति में पंचायत संघ पब्लिक स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आंदोलन करेगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox