टायर फटना ‘एक्ट ऑफ गॉड’ नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट का इंश्योरेंस कंपनी को झटका

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 8, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

टायर फटना ‘एक्ट ऑफ गॉड’ नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट का इंश्योरेंस कंपनी को झटका

-कंपनी को मृत व्यक्ति के परिवार को देना होगा मुआवजा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- टायर फटने को ‘एक्ट ऑफ गॉड’ बताकर मुआवजा देने से इनकार करने वाली इंश्योरेंस कंपनी को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने कहा है कि टायर फटना ‘एक्ट ऑफ गॉड’ नहीं बल्कि इंसानी लापरवाही है, इसलिए कंपनी को मुआवजा देना होगा।
              जस्टिस एसजी डिगे की सिंगल बेंच ने कहा- ‘एक्ट ऑफ गॉड’ गंभीर और अप्रत्याशित नेचुरल इवेंट होता है, जिसके लिए कोई इंसान जिम्मेदार नहीं होता। टायर फटने के लिए इंसान जिम्मेदार होता है, इसलिए इसे ‘एक्ट ऑफ गॉड’ बताकर कंपनी मुआवजा देने से इनकार नहीं कर सकती।

ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट गई थी इंश्योरेंस कंपनी
घटना अक्टूबर 2010 की है। मकरंद पटवर्धन अपने दो साथियों के साथ कार से पुणे से मुंबई जा रहे थे। इस दौरान गाड़ी का पिछला टायर फट गया और गाड़ी एक गहरी खाई में गिर गई। मकरंद की मौके पर ही मौत हो गई। मकरंद के पास न्यू इंडिया एश्युरेंस कपंनी की इंश्योरेंस पॉलिसी थी। उनके परिवार वालों ने कंपनी के पास मुआवजे के लिए अप्लाई किया।
                इंश्योरेंस कंपनी ने कहा कि टायर फटना ‘एक्ट ऑफ गॉड’ है और इस आधार पर मुआवजा देने से इनकार कर दिया। इसके बाद मकरंद के परिवार वाले मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल में गए। ट्रिब्यूनल ने कहा कि मकरंद अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे और कंपनी को मकरंद के परिवार को 1.25 करोड़ रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया। इस आदेश के खिलाफ कंपनी बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंची जहां जस्टिस एसजी डिगे ने कंपनी की अपील खारिज कर दी।

कोर्ट ने टायर फटने के कारण भी गिनाए
कोर्ट ने टायर फटने के कई कारण भी बताए। कोर्ट ने कहा कि हाई स्पीड, टायर में हवा कम या ज्यादा होने, तापमान ज्यादा होने या टायर पुराने होने से टायर फटने की घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए ये एक इंसानी लापरवाही है। ड्राइवर को गाड़ी चलाने से पहले टायर की कंडीशन देखनी चाहिए।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox