
-सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पेस साइंसेज का दावा
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/कोलकाता़/शिव कुमार यादव/- एक तरफ भीषण गर्मी की शुरूआत हो चुकी है तो दूसरी तरफ सूर्य भी आग उगल रहा है। सूर्य से निकली तेज रोशनी पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पेस साइंसेज (सेसी) का कहना है कि सूर्य से काफी अधिक तेज रोशनी पैदा हुई थी. इससे रेडियो संचार, इलेक्ट्रिक बिजली ग्रिड, सैटेलाइट कम्यूनिकेशन पर असर पड़ सकता है।
सूर्य से बुधवार को विपुल सौर चमक पैदा हुई जिसपर कोलकाता स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में सेसी के एसोसिएट प्रोफेसर एवं कॉर्डिनेटर दिब्येंदु नंदी ने कहा कि सौर मैग्नेटिक सक्रिय क्षेत्र एआर 12992 से समन्वित सार्वभौमिक समय 3 बजकर 57 मिनट पर एक्स 2.2 श्रेणी की सौर चमक पैदा हुई। जिससे उपग्रह संचार एवं वैश्विक स्थैतिकी प्रणाली पर प्रभाव पड़ने का खतरा मंडराने लगा है।
सौर चमक ऊर्जा का इतना सशक्त उद्गागार है, जो रेडियो संचार, इलेक्ट्रिक बिजली ग्रिड, नौवहन सिग्नल पर असर डाल सकता है और अंतरिक्षयान एवं अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। इस चमक को एक्स श्रेणी में रखा जाता है, जो सबसे तीक्ष्ण चमक है. आंकड़ा इसकी ताकत के बारे में और सूचना उपलब्ध करता है।
सेसी ने ट्वीट किया कि भारत, दक्षिणपूर्व एशिया एवं एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मजबूत आयन मंडलीय उभार जारी है। उच्च बारंबारता संचार रूकावट, सेटेलाइट विसंगति आ सकती है और जीपीएस प्रस्फुरण, विमान संचार पर असर पड़ सकता है। नंदी ने कहा कि सेसी ने 18 अप्रैल को एक्स श्रेणी की चमक के उत्पन्न होने का अनुमान लगाया था, अब सेसी में वैज्ञानिक इस चमक के प्रभाव का अध्ययन कर रहे हैं।





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