चीन की शर्मनाक हरकत पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

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August 26, 2026

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चीन की शर्मनाक हरकत पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

-भारतीय सैनिक पर हमला करने वाले को थमाई ओलंपिक मशाल, भारत के दूत नही लेंगे ओलंपिक में हिस्सा -अमेरिका व भारत ने की निंदा, कहा अपनी नाकामी छुपाने के लिए कर रहा ओलंपिक का राजनीतिकरण

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/बीजिंग/शिव कुमार यादव/- चीन इस बार शीतकालीन ओलंपिक की मेजबानी कर रहा है। जिसे देखते हुए राजधानी बीजिंग में इस सप्ताह के शीतकालीन ओलंपिक रिले में मशाल ले जाने के लिए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) रेजिमेंट कमांडर क्यूई फैबाओ को चुनने के बाद से विवाद पैदा हो गया है। यह वही कमांडर है जिसने लद्दाख में भारतीय सैनिकों पर हमला किया था। ड्रैगन के इस कदम की भारत के साथ-साथ अमेरिका में भी निंदा हो रही है। अमेरिका ने इसे चीन की शर्मनाक हरकत बताते हुए ओलंपिक का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। भारत ने इस मामले पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ‘हमने इस मुद्दे पर रिपोर्ट देखी है। ये वास्तव में दुखद है कि चीनी पक्ष में ओलंपिक जैसे आयोजन का राजनीतिकरण करना चुना है। मैं यह सूचित करना चाहता हूं कि भारतीय दूतावास में हमारे चार्ज डी’अफेयर्स बीजिंग विंटर ओलंपिक के उद्घाटन या समापन समारोह में भाग नहीं लेंगे। दरअसल, चीन ने गलवान घाटी संघर्ष में शामिल रहे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों में से एक को अपना मशालवाहक चुना है। इसे लेकर अमेरिका ने भी चीन की निंदा की है और उसकी इस हरकत को शर्मनाक बताया है। अमेरिका के टॉप सिनेटर और स्टेट्स सीनेट कमेटी ऑन फॉरेन रिलेशंस के रैंकिंग सदस्य जिम रिश ने गुरुवार को शीतकालीन खेलों के लिए एक मशालची चुनने के लिए बीजिंग की निंदा की। उन्होंने कहा कि जो चीनी सैन्य अधिकारी भारतीय जवानों पर हमला करने का जिम्मेदार रह चुका है उसे मशाल थमाना खेल का राजनीतिकरण करना है। रिश ने कहा कि चीन उइगरों के खिलाफ नरसंहार कर रहा है और अमेरिका इसका विरोध करता रहेगा। अमेरिका उइगर की स्वतंत्रता और भारत की संप्रभुता का समर्थन करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

ओलंपिक के 1,200 मशालधारियों में की फाबाओ का नाम शामिल होने के बाद चीनी सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने उसे हिमालय की लड़ाई में भूमिका के लिए हीरो बताया। हालांकि इस सैन्य अधिकारी को लड़ाई के दौरान सिर में गंभीर चोट लगी थी। की फाबाओ दिसंबर में चीनी राज्य प्रसारक सीसीटीवी में दिखाई दिया था और कहा कि वह युद्ध के मैदान में लौटने और फिर से लड़ने के लिए तैयार है।

की फाबाओ नाम के जिस सैनिक को चीन की ओर से मशाल थमाई गई है, 2020 में लद्दाख के पास गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर हमले का जिम्मेदार भी रह चुका और झड़प के दौरान खुद जख्मी भी हो गया था। हालांकि चीन अपनी नाकामी छुपाने के लिए इस घटना में अपने महज चार से पांच सैनिकों के ही मारे जाने की बात काफी लंबे समय बाद स्वीकार की थी। लेकिन दूसरे देशों की रिपोर्ट में 40 चीनी सैनिकों के मारे जाने के दावे किए जाते रहे हैं।

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