अब प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, बच्चों की पढ़ाई में भी होगा बड़ा बदलाव

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अब प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, बच्चों की पढ़ाई में भी होगा बड़ा बदलाव

-जिला की 988 आंगनबाड़ी वर्कर्स का 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी -कैम्प में बच्चों के सर्वागीण विकास संबंधी पांच विषयों पर दी जा रही है ट्रेनिंग

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/गुरूग्राम/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- गुरुग्राम जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। जिला में बनाये जाने वाले प्ले स्कूलों के बेहतर क्रियान्वयन व बच्चों की शिक्षा में बड़े बदलाव के लिए आंगनबाड़ी कार्यकताओ को विभिन्न चरणों के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला की 988 आंगनबाड़ी वर्कर्स को विभिन्न बैच में विभाजित कर प्रथम चरण का पांच दिवसीय कार्यक्रम सोमवार 23 अगस्त से शुरू किया गया है।
                     जिला उपायुक्त डॉ यश गर्ग के अनुसार जिला की 1033 आंगनबाड़ी केन्द्रों में 104 को प्ले स्कूल में कन्वर्ट किया गया है। इन प्ले स्कूल्स के बेहतर क्रियान्वयन के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा काफी महत्वपूर्ण होती है और इसका प्रभाव जीवन भर रहता है, इसी को ध्यान में रखकर आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्री स्कूल स्तर पर पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व सर्वागीण विकास देने में मदद मिलेगी।
                      प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए महिला एवं बाल विकास अधिकारी नेहा दहिया ने बताया कि कैम्प में बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स को पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत पांच मुख्य विषयों पर ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्रतिदिन एक विषय पर प्रशिक्षित किया जा रहा है।
                      नेहा दहिया ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में शारीरिक विकास, बौद्धिक विकास, भाषा का विकास,मानसिक विकास, भावनात्मक विकास और खेल खेल में पढ़ना, रंगों व फलों सहित सब्जियों व पशुओं और पक्षियों के नाम याद करना, कविताएं याद करना, अन्य लिखाई दृ पढ़ाई के बारे में बच्चों को प्रेरित कर उन्हें मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से तैयार किया जाए इसके लिए यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नेहा दहिया ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्रशिक्षण देने के लिए आंगनबाड़ी सुपरवाईजर्स को मास्टर ट्रेनर बनाया गया है। इन सभी सुपरवाईजर्स की ट्रैनिंग जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर द्वारा की गई। जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स को हिसार में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षित किया गया था।
                       श्रीमती दहिया ने कहा कि कोरोना प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए जिला की 988 आंगनबाड़ी वर्कर्स को विभिन्न बैच में विभाजित कर ब्लॉक स्तर पर 3 चरणों मे प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 23 अगस्त से 27 अगस्त जिसमे 13 ग्रुपों में 447 वर्कर्स, 30 अगस्त से 4 सितंबर के बीच आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में 12 ग्रुप में 405 आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं तीसरे चरण के तहत 6 सितंबर से 10 सितंबर के बीच 4 ग्रुप में विभाजित 136 आंगनबाड़ी वर्कर को ट्रेनिंग दी जाएगी। नेहा दहिया ने कहा कि आंगनबाड़ी को प्ले स्कूल में कन्वर्ट करने का निर्णय काफी निर्णायक साबित होगा। साथ ही इससे छोटे बच्चों व उनके अभिभावकों में भी आंगनबाड़ी व प्ले स्कूल के प्रति एक नई रूचि का संचार होगा।

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