मध्यप्रदेश में एक साल में छह हजार से अधिक दुष्कर्म, नौ हजार बच्चियां लापता

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August 21, 2026

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मध्यप्रदेश में एक साल में छह हजार से अधिक दुष्कर्म, नौ हजार बच्चियां लापता

-एमपी पुलिस फिर भी कर रही महिला सुरक्षा का दावा, इंदौर में दुष्कर्म के मामले सबसे ज्यादा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/भोपाल/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर पुख्ता दावे करती नजर आती है। लेकिन मध्य प्रदेश में जून 2020 से जून 2021 तक दुष्कर्म के 6,716 मामले दर्ज किए गए है। इस अवधि में दुष्कर्म के सबसे अधिक मामले इंदौर के लसुडिय़ा थाने में दर्ज किए गए। इंदौर में कुल 399, भोपाल में 190 तो जबलपुर में 259 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए। जून 2020 से 20 जुलाई 2021 तक दुष्कर्म के 142 दोषियों को सजा मिली है। वहीं, अप्रैल 2020 से अब तक 8924 बालिकाएं लापता हुई। हालांकि इसी अवधि में 7560 बालिकाओं को घरों तक सुरक्षित भी पहुंचाया गया।
                       उक्त जानकारी विधानसभा में सदस्यों के अलग-अलग प्रश्नों के लिखित जवाब में सरका की तरफ से दी गई। कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के सवाल के जवाब में बताया गया कि वर्ष 2017 में 549, वर्ष 2018 में 583, वर्ष 2019 में 577, वर्ष 2020 में 633, एक जनवरी से 30 जून 2021 तक 321 महिलाओं की हत्या के प्रकरण दर्ज किए गए। इस दौरान महिलाओं से दुष्कर्म के 26780 प्रकरण दर्ज हुए। इस दौरान सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के 37 मामले सामने आए। जनवरी 2018 से जून 2021 तक महिला हत्या, दुष्कर्म व अपहरण के मामलों में 38,754 आरोपित बनाए गए।
                         उधर, साइबर अपराधों से निपटने के लिए भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में प्रशिक्षित स्टाफ से संबंधित भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया के सवाल के जवाब में बताया गया कि एक अप्रैल 2018 से अब तक की स्थिति में तीनों संभाग में पदस्थ कुल स्टाफ में से 110 प्रशिक्षित हैं तो 97 अप्रशिक्षित हैं। इंदौर में मात्र तीन तो भोपाल में छह अधिकारी-कर्मचारी प्रशिक्षित हैं।

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