टीका उत्सव के बाद भी टीकाकरण की रफ्तार धीमी, पीएम मोदी ने 11 अप्रैल को की थी घोषणा

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टीका उत्सव के बाद भी टीकाकरण की रफ्तार धीमी, पीएम मोदी ने 11 अप्रैल को की थी घोषणा

-देश में कोरोना की टेस्टिंग बेहद धीमी, परीक्षण के मामले में भारत दुनिया में 115वें स्थान पर
NM News Tika Utaswa

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना महामारी के बीच देश में टीकाकरण अभियान की रफ्तार धीमी चल रही है। यहां तक कि पीएम मोदी के द्वारा घोषित किया गया टीका उत्सव भी टीकाकरण की रफ्तार पर कोई खास असर नहीं डाल पाया। देशभर में लगातार पांचवें दिन दो लाख से अधिक मामले सामने आए हैं। कोरोना के बदले रूप ने स्थिति काफी खराब कर दी है। देश में जहां कोरोना के मामलों की तेजी से रफ्तार बढ़ रही है, वहीं इसके मुकाबले टेस्टिंग काफी कम हो रही है। भारत प्रति दस लाख की आबादी पर 1 लाख 92 हजार 620 टेस्ट हो रहे हैं। प्रति मिलियन टेस्टिंग में भारत का दुनिया में 115वां स्थान है।
                               स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज सुबह जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 2 लाख 73 हजार 810 नए मरीज सामने आए हैं जबकि 1619 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। ये आंकड़े तब आ रहे हैं, जब देश में टेस्टिंग काफी कम स्तर पर की जा रही है। देश में जहां कोरोना के मामलों की तेजी से रफ्तार बढ़ रही है, वहीं इसके मुकाबले टेस्टिंग काफी कम हो रही है। भारत प्रति दस लाख की आबादी पर 1 लाख 92 हजार 620 टेस्ट हो रहे हैं। प्रति मिलियन टेस्टिंग में भारत का दुनिया में 115वां स्थान है। भारत अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस, तुर्की , बहरीन , यूएई और कई अन्य देशों से काफी पीछे है। शनिवार को कोविड-19 के 15 लाख 66 हजार 394 टेस्ट किए गए थे। बता दें कि 1 अप्रैल से देश में 45 साल से उपर के लोगों को वैक्सीन लगना शुरू हुई थी और 11 अप्रैल को पीएम मोदी ने 4 दिन के श्टीका उत्सवश् की घोषणा की थी, लेकिन टीका उत्सव के दौरान वैक्सीन लेने वाले लोगों की संख्या में उम्मीद के मुताबिक इजाफा देखने को नहीं मिला है। बल्कि स्थिति ऐसी है कि टीका उत्सव के मुकाबले आम दिनों में लोग ज्यादा टीका लगवा रहे थे। टीका उत्सव और सामान्य दिनों में नहीं दिखा कोई अंतर इधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि टीका उत्सव के दौरान औसतन प्रतिदिन 33.47 लाख लोगों ने वैक्सीन लगवाई थी, जबकि 1 अप्रैल से लेकर 17 अप्रैल के बीच औसतन 31.38 लाख लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। इससे साफ है की टीका उत्सव और सामान्य दिनों में हो रहे वैक्सीनेशन में खासा अंतर देखने को नहीं मिला। आपको बता दें कि 17 अप्रैल तक देश में 12.26 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है, जो कि देश की आबादी का सिर्फ 9 प्रतिशत है। आंकड़ों के मुताबिक, 11 अप्रैल को 29.33 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई गई थी। 12 अप्रैल को संख्या 40.04 लाख, 13 अप्रैल को 31.39 लाख और 14 अप्रैल को 33.13 लाख थी। 15 अप्रैल को ये आंकड़ा नीचे आ गया था, लेकिन अगले दिन फिर से 30 लाख से अधिक लोगों ने टीका लगवाया।
                       जबकि रविवार को शनिवार के मुकाबले टेस्टों की संख्या कम रही। रविवार को 13 लाख 56 हजार 133 टेस्ट किए गए फिर भी शनिवार के मुकाबले ज्यादा मामले सामने आए शनिवार को कोविड19 के 2 लाख 61 हजार 500 नए मरीज मिले थे। हालांकि अब जब देश में लगातार कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं, तो ऐसे में सरकारें कोरोन के टेस्टिंग बढ़ाने में जुट गई हैं। आने वाले दिनों में कोरोन की टेस्ट की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिल सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 273,810 नए कोरोना केस आए और 1619 संक्रमितों की जान चली गई है। हालांकि 1,44,178 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं। इससे पहले शनिवार को 261,500 नए केस आए थे। 18 अप्रैल तक देशभर में 12 करोड़ 38 लाख 52 हजार 566 कोरोना डोज दिए जा चुके हैं। बीते दिन 12 लाख 30 हजार टीके लगे। वैक्सीन की दूसरी खुराक देने का अभियान 13 फरवरी से शुरू हुआ था। 1 अप्रैल से 45 साल से ऊपर से सभी लोगों को टीका लगाया जा रहा है।

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