बंगाल में कोयला घोटाले में सीबीआई व ईडी की व्यापक छापेमारी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

बंगाल में कोयला घोटाले में सीबीआई व ईडी की व्यापक छापेमारी

-सीबीआई व ईडी ने तृणमूल के करीबी बिजनेसमैन के घर-दफ्तर समेत 15 जगहों पर छापे मारे कई अफसर और नेता भी रडार पर

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/कोलकाता/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- पश्चिम बंगाल में कोयला घोटाले की आंच अब व्यापारियों, अफसरों और तृणमूल नेताओं तक पहुंच गई है। सीबीआई व ईडी ने शुक्रवार को तृणमूल के करीबी बिजनेसमैन के ठिकानों पर छापे मारे। ये छापे साउथ कोलकाता, आसनसोल स्थित घर और दफ्तरों पर मारे गए हैं। एजेंसियों ने 15 जगहों पर छापा मारा है। जांच में सामने आया है कि कोयला तस्करी के दौरान कई अफसरों और नेताओं ने घूस भी ली थी। सूत्रों के अनुसार जल्द ही इनके यहां भी छापे मारे जा सकते हैं। इसी केस में पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में कोलकाता के सीए गणेश बगारिया के दफ्तर में छापा मारा गया था। ये कार्रवाई सीबीआई की टीम ने की थी।
इस मामले में दो दिन पहले ही सीबीआई ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बहू रुजिरा बनर्जी और रुजिरा की बहन मेनका गंभीर से पूछताछ की है। दोनों से पैसों के लेनदेन और आय के स्रोतों के बारे में जानकारी हासिल की गई है। सूत्रों के मुताबिक, अब सीबीआई इन सभी के बैंक अकाउंट और संपत्तियों की जांच कर रही है। ईडी को भी जांच में शामिल किया गया है। कोयला घोटाले में तृणमूल के नेताओं पर आरोप लगे हैं। इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का नाम भी शामिल है। आरोप है कि बंगाल में अवैध रूप से कई हजार करोड़ के कोयले का खनन किया गया। इसे एक रैकेट के जरिए ब्लैक मार्केट में बेचा गया।
पिछले साल सितंबर में कोयला घोटाले की जांच शुरू हुई थी। तभी से भाजपा आरोप लगाती रही है कि तृणमूल नेताओं ने कोयला घोटाले से मिली ब्लैक मनी को शेल कंपनियों के जरिए व्हाइट मनी में बदला। इसमें सबसे ज्यादा फायदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक को हुआ है। अभिषेक तृणमूल की युवा विंग के अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपनी पार्टी में विनय मिश्रा समेत 15 युवाओं को महासचिव बनाया था। विनय शुरू से ही कोयला घोटाले के आरोपी हैं। तृणमूल ने ब्ठप् जांच पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जो नामंजूर हो गई थी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox