रसोई गैस के बाद अब रिकॉर्ड ऊंचाई पर पंहुचे तिलहन व दलहन के दाम

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

November 2026
MTWTFSS
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30 
November 4, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

रसोई गैस के बाद अब रिकॉर्ड ऊंचाई पर पंहुचे तिलहन व दलहन के दाम

-सूरजमुखी तेल के दाम में आई तेजी, चना कांटा, मसूर, तुअर भी उछले

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- देश-विदेश में तिलहन स्टॉक की भारी कमी होने तथा त्यौहारी मांग के बढ़ने से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तेल सहित लगभग सभी तेल तिलहन कीमतों में तेजी का रुख रहा। हल्के तेलों की वैश्विक मांग बढ़ने के बीच सूरजमुखी तेल का भाव 1,485 डॉलर प्रति टन से बढ़कर रिकॉर्ड 1,555 डॉलर प्रति टन की ऊंचाई को छू गया। वहीं गुरुवार को चना कांटा 150 रुपये, मसूर 75 रुपये और तुअर (अरहर) के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। उड़द 100 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती बिकी। चना दाल के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी रही।
बाजार के जानकार सूत्रों के अनुसार दुनियाभर में तिलहन के स्टॉक की तंगी महसूस की जा रही है और पाइपलाइन बिल्कुल खाली है। वैश्विक स्तर पर हल्के तेलों की मांग में काफी इजाफा हुआ है जिसकी वजह से दिल्ली में सूरजमुखी तेल का भाव 170 रुपये किलो की रिकॉर्ड ऊंचाई पर जा पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सूरजमुखी तेल का भाव रिकार्ड ऊंचाई छूने के कारण सोयाबीन रिफाइंड और पामोलीन सहित अन्य तेलों के भाव भी चढ़ गए।
सोयाबीन की निर्यात के साथ साथ स्थानीय मांग भी काफी है जबकि मध्य प्रदेश में फसल काफी हल्की रही है। सोयाबीन खली (तेल रहित खल-डीओसी) की स्थानीय के साथ साथ भारी निर्यात मांग है। पाल्ट्री के चारे के रूप सोयाबीन खली (डीओसी) की मांग होने के बीच मध्य प्रदेश में सोयाबीन के अधिकांश मात्रा में फसल का नुकसान हुआ है और इनके दागी सोयाबीन का निर्यात नहीं हो रहा। आगामी बिजाई के समय सोयाबीन के अच्छे बीज की मांग बढ़ेगी और इस बीच डीओसी की निर्यात मांग को पूरा करने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। अधिक मात्रा में सोयाबीन की फसल खराब होने के कारण किसानों ने इसकी कटाई भी नहीं की और मंडियों में आपूर्ति कम हो रही है।

बाजार में तिलहन थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

 सरसों तिलहन - 6,395 - 6,445 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
 मूंगफली दाना - 6,060- 6,125 रुपये।
 मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,000 रुपये।
 मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,395 - 2,455 रुपये प्रति टिन।
 सरसों तेल दादरी- 13,300 रुपये प्रति क्विंटल।
 सरसों पक्की घानी- 2,000 -2,150 रुपये प्रति टिन।
 सरसों कच्ची घानी- 2,130 - 2,245 रुपये प्रति टिन।
 तिल तेल मिल डिलिवरी - 13,500 - 16,500 रुपये। 
 सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,900 रुपये।
 सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,800 रुपये।
 सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,650 रुपये।
 सीपीओ एक्स-कांडला- 10,750 रुपये।
 बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,500 रुपये।
 पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,600 रुपये।
 पामोलिन कांडला 11,600 (बिना जीएसटी के)
 सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी 5,200 - 5,250 रुपये, 
 लूज में 5,050- 5,100 रुपये
 मक्का खल (सरिस्का) 3,525 रुपये 

दलहन
चना (कांटा) 4950 से 5000,
मसूर 5450 से 5500,
तुअर (अरहर) नई निमाड़ी 6100 से 6700, तुअर सफेद (महाराष्ट्र) 6850 से 6900, तुअर लाल (कर्नाटक) 7200 से 7300,
मूंग 7600 से 8000, मूंग हल्की 6000 से 7000,
उड़द 7500 से 7800, हल्की 6000 से 6800 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल
तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 8950 से 9250,
तुअर दाल फूल 9350 से 9450,
तुअर दाल बोल्ड 9650 से 9850,
नई तुअर दाल 9950 से 10250,
चना दाल 5800 से 6300,
मसूर दाल 6300 से 6600,
मूंग दाल 8500 से 8800,
मूंग मोगर 9200 से 9600,
उड़द दाल 8600 से 9000,
उड़द मोगर 10300 से 11100 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल
बासमती (921) 9000 से 9500,
तिबार 7500 से 8000,
दुबार 6500 से 7000,
मिनी मोगरा 3500 से 5500,
बासमती सैला 6500 से 8500,
कालीमूंछ 5000 से 7000,
राजभोग 5900 से 6000,
दूबराज 3500 से 4000,
परमल 2500 से 2600,
हंसा सैला 2450 से 2550,
हंसा सफेद 2200 से 2300,
पोहा 3200 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox