नजफगढ़ निगम जोन के भाजपा पार्षदों ने एमसीडी के 13 हजार करोड़ बकाये को लेकर किया उपवास

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 13, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नजफगढ़ निगम जोन के भाजपा पार्षदों ने एमसीडी के 13 हजार करोड़ बकाये को लेकर किया उपवास

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- दिल्ली सरकार द्वारा निगम के 13 हजार करोड़ बकाया पैसे न देने से न केवल विकास कार्य अवरूध हो रहे है बल्कि कर्मचारियों को भी उनका वेतन नही मिल पा रहा है जिसे देखते हुए नजफगढ़ निगम जोन के भाजपा पार्षदों ने अपने-अपने कार्यालयों में दिल्ली के सीएम केजरीवाल के खिलाफ एक दिन का उपवास रखा और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
गोपाल नगर वार्ड की निगम पार्षद अंतिम गहलोत ने अपने वार्ड गोपाल नगर में समस्त बीजेपी के कार्यकर्ताओ के साथ मिलकर दिल्ली सरकार द्वारा एमसीडी के बकाया 13000 करोड़ रुपए ना देने पर एक दिन का उपवास रखा। गौरतलब है की दिल्ली सरकार द्वारा एमसीडी के बकाया तेरह हजार करोड़ रुपए ना देने के विरोध में दिल्ली के तमाम बीजेपी कार्यकर्ता आज अपने-अपने वार्डो में एक दिन की भूख हड़ताल पर है। पार्षद अंतिम गहलोत ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि दिल्ली सरकार पर एमसीडी के 13000 करोड रुपए बकाया है जिसे मुख्य्मंत्री अरविन्द केजरीवाल जानबूझकर नहीं दे रहे हैं। जिसके कारण निगमकर्मियों को कई महीनो का वेतन भी नहीं मिल पा रहा है और निगम के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे है। उन्होंने केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाते हुए बताया की यह दिल्ली की जनता के द्वारा टैक्स का दिया हुआ पैसा है जिसका एक हिस्सा एमसीडी को भी मिलता है वही 6 सालों से दिल्ली में बैठी केजरीवाल सरकार इन पैसों को रोके हुए हैं जो अब तक 13000 करोड़ रुपए हो चूका है।
गौरतलब है की पिछले 10 दिनों से दिल्ली नगर निगम के तीनो मेयर एमसीडी के बकाया फण्ड को लेने के लिए मुख्य्मंत्री अरविन्द केजरीवाल के आवास के बाहर धरने पर बैठे है। भाजपा नेता सूरज गहलोत ने धरनास्थल पर केजरीवाल के द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे को लेकर कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया की महिला पार्षदों पर इस तरह से कैमरे से निगरानी करके उनके निजता के अधिकार का हनन और अपमान किया है। कोविड 19 को देखते हुए उपवास के दौरान सभी कार्यकर्ताओ ने मास्क के प्रयोग का और शारीरिक दुरी का विशेष रूप से ख्याल रखा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox