भारत बंद को लेकर ढांसा बार्डर पर डटे भाकियू व खाप कार्यकर्ता, बार्डर किया सील

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

भारत बंद को लेकर ढांसा बार्डर पर डटे भाकियू व खाप कार्यकर्ता, बार्डर किया सील

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- 8 दिसंबर के भारत बंद को लेकर नजफगढ़ के ढांसा बार्डर पर दिल्ली भारतीय किसान यूनियन व हरियाणा की धनखड़, गुलिया, अहलावत व कादयान खाप के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और साथ ही बार्डर को भी पूरी तरह से सील कर दिया। हालांकि अभी तक दिल्ली आने-जाने के लिए लोग इस मार्ग को उपयोग कर रहे थे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष विरेन्द्र डागर ने बताया कि भाकियू किसानों की मांगों को लेकर पूरी दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रही है। इसके साथ देश के दूसरी किसान यूनियन भी जुड़ी हुई है। इस प्रदर्शन में सबसे ज्यादा सक्रिय पंजाब से आये किसान बने हुए हैं। उन्होने बताया कि दिल्ली की भारतीय किसान यूनियन ने सिंघू बार्डर, टिकरी बार्डर, झाड़ौदा बार्डर, ढांसा बार्डर, औचंदी बार्डर, नोयडा व लोनी बार्डर पर जाकर किसानों का समर्थन किया है और उनके साथ मिलकर प्रदर्शन किया है। किसान यूनियनों ने मिलकर केंद्र सरकार द्वारा अभी हाल ही में पास किये गये तीन कृषि बिलों के विरोध में प्रदर्शन जारी रखने का फैसला लिया है और 8 दिसंबर को किसानों के समर्थन में भारत बंद का आहवान किया है।
जिसे देखते हुए आज हमने हरियाणा की गुलिया, धनखड़, अहलावत व कादयान खाप के साथ ढांसा बार्डर पर धरना प्रदर्शन किया। इसमें गुलिया खाप के प्रधान विनोद गुलिया, धनखड़ खाप के युद्धबीर धनखड़, अहलावत खाप के जयसिंह अहलावत व कादयान खाप के बिल्लु पहलवान ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ भाग लिया। इस प्रदर्शन मंे भाकियू के संरक्षक राजसिंह डागर ने अपना पूरा सहयोग दिया। उन्होने कहा कि खापों का ऐलान है कि जब तक किसानों की मांगे नही मानी जायेगी और तीनों बिलों को सरकार निरस्त नही करती है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। आगे की रणनीति किसान यूनियानों के अनुसार ही बनाई जायेगी।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox