6 साल बाद मातोश्री में ठाकरे बंधुओं की मुलाकात, बीएमसी चुनाव में एकजुटता के संकेत

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6 साल बाद मातोश्री में ठाकरे बंधुओं की मुलाकात, बीएमसी चुनाव में एकजुटता के संकेत

अनीशा चौहान/-   महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार, 27 जुलाई को मातोश्री जाकर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। यह मुलाकात करीब 6 साल बाद मातोश्री में हुई है, जिसे सियासी हलकों में बेहद अहम माना जा रहा है। इससे पहले राज ठाकरे वर्ष 2019 में अपने बेटे अमित ठाकरे की शादी का न्योता देने मातोश्री पहुंचे थे। इस बार बिना किसी विशेष निमंत्रण के की गई यह मुलाकात, ठाकरे बंधुओं के बीच सियासी समीकरणों में बदलाव और नजदीकियों की बढ़ती गर्माहट का संकेत देती है। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र के हितों के लिए मिलकर लड़ेंगे।

20 साल बाद एक मंच, एकजुटता की नई चर्चा
हाल ही में मुंबई के आज़ाद मैदान में आयोजित मराठी विजय रैली में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे करीब 20 साल बाद एक मंच पर नजर आए। इस ऐतिहासिक दृश्य ने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की अटकलों को जन्म दे दिया है। इस रैली में राज ठाकरे ने जहां उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सराहना की, वहीं उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए हिंदुत्व और मराठी अस्मिता की बात दोहराई। उन्होंने कहा, “हमारी एकजुटता महाराष्ट्र के लिए है। अब हमें बीजेपी की ‘उपयोग करो और फेंक दो’ नीति का जवाब देना है।”

क्या बीएमसी चुनाव में साथ उतरेंगे ठाकरे बंधु?
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने भी संकेत दिए हैं कि महाराष्ट्र की जनता ठाकरे बंधुओं को एकसाथ देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि आने वाले बीएमसी चुनाव में एमवीए या इंडिया गठबंधन की जरूरत नहीं, बल्कि राज और उद्धव ठाकरे मिलकर मैदान में उतर सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि अगर ठाकरे बंधु एक साथ आते हैं, तो वे बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। मातोश्री में हुई यह मुलाकात, आज़ाद मैदान की साझी मंचीय उपस्थिति, और आमजन की भावनाएं  सब मिलकर यह संकेत दे रहे हैं कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।

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