नजफगढ़ मेट्रो न्यूज़/ नई दिल्ली/ मानसी शर्मा – ताजमहल में बने 20 कमरों को खोलने की याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुनवाई में ताजमहल विवाद को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जमकर फटकार लगाई है। जस्टिस डीके उपाध्याय ने याचिकाकर्ता को कहा है कि पहले आप यूनिवर्सिटी जाएं, PhD करें, तब कोर्ट आएं। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई रिसर्च करने से रोके, तब हमारे पास आना। उन्होंने कहा कि कल को आप आएंगे और कहेंगे कि आपको जजों के चैंबर में जाना है, तो क्या हम आपको चैंबर दिखाएंगे ? इतिहास आपके मुताबिक नहीं पढ़ाया जाएगा।
अपको बता दें कि भाजपा के अयोध्या मीडिया प्रभारी बता दें कि भाजपा के अयोध्या मीडिया प्रभारी डॉ. रजनीश सिंह ने 7 मई को कोर्ट में याचिका दायर कर ताजमहल के 22 कमरों में से 20 कमरों को खोलने की मांग की थी। उन्होंने इन कमरों में हिंदू-देवी-देवताओं की मूर्ति होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि इन बंद कमरों को खोलकर इसका रहस्य दुनिया के सामने लाना चाहिए।


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