नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- लोकसभा में मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद हुए ऑपरेशन महादेव पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हमले में शामिल तीनों आतंकियों को मार गिराया गया है, जिनकी पहचान सुलेमान उर्फ फैजल, अफगान और जिब्रान के रूप में हुई है। अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की उनके धर्म पूछकर हत्या की गई। यह एक बर्बर और अमानवीय घटना थी। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।

अमित शाह ने बताया कौन-कौन से आतंकी हुए ढेरः-
इसी दौरान गृह मंत्री शाह ने बताया कि भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर ऑपरेशन महादेव चलाया, जिसमें तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया गया। मारे गए आतंकी में सुलेमान उर्फ फैजल जो कि लश्कर-ए-तैयबा का ए-ग्रेड कमांडर था, अफगान जो कि लश्कर का ए-ग्रेड आतंकी था और जिब्रान जो कि लश्कर का एक और खतरनाक आतंकी था। ये तीनों आतंकी बैसारन घाटी में हुए नागरिकों की हत्या में शामिल थे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की कड़ी मेहनत के बाद इन्हें मार गिराया गया।
शाह ने बताया कैसे हुई आतंकियों की पहचान
शाह ने अपने संबोधन में आगे मारे गए आतंकियों की पहचान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने आतंकियों को खाना और मदद पहुंचाई थी, उन्हें पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। जब मारे गए आतंकियों के शव श्रीनगर लाए गए, तो इन्हीं लोगों से उनकी पहचान करवाई गई। साथ ही गृह मंत्री ने इसे एक बड़ी कामयाबी बताते हुए कहा कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां अब और भी सतर्क हैं, और आतंक के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
रक्षा मंत्री ने दिया था पहला जवाब
बता दें कि इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की कार्रवाई- ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत करते हुए सरकार की तरफ से पहले वक्ता के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की सेना ने पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने में पूरी सफलता पाई है। उन्होंने ये भी साफ किया कि भारतीय सेना को किसी भी तरह की सैन्य क्षति नहीं हुई है। राजनाथ सिंह ने विपक्षी दलों को भी आड़े हाथों लिया।
उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए और कहा कि संसद को एक सुर में देश की सेना के पराक्रम को सलाम करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश की नीति को रेखांकित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, ’वर्ष 2015 में जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने लाहौर जाकर नवाज शरीफ से मुलाक़ात की, तो भारत ने फिर से दोस्ती का हाथ बढ़ाया था। हम वाकई शांति की राह पर चलना चाहते थे क्योंकि हमारी मूल प्रकृति बुद्ध की है, न की युद्ध की।’
पहलगाम… ऑपरेशन सिंदूर और भारत का पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में इसी साल 22 अप्रैल को हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। पाकिस्तानी सीमा के भीतर दहशतगर्दों के पनाहगाह को नेस्तनाबूद करने के बाद भारत के सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों ने 33 देशों की राजधानियों का दौरा कर पाकिस्तान और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों को बेनकाब किया।
शिष्टमंडलों ने अल्जीरिया, डेनमार्क, ब्रिटेन, इथियोपिया, फ्रांस, इटली जैसे देशों में भारत का पक्ष मजबूती से रखा। ग्रीस, बहरीन, कतर, रूस, जापान और यूएई जैसे देशों में भी दहशतगर्दों के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति बताई गई। वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की कूटनीतिक मुहिम के तहत अलग-अलग दलों में शामिल 51 सांसदों के अलावा कई राजनयिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजनयिकों ने पाकिस्तानी दुष्प्रचार को धराशायी किया। अब संसद के मानसून सत्र में पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत चर्चा हुई।


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